मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को अदालत परिसर में उस समय भावनात्मक माहौल बन गया जब सौरभ की मां रेनू का दर्द बाहर आ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या 3 मार्च 2025 की रात पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला ने की, लेकिन उनके मुताबिक असली जख्म 8 नवंबर 2016 को ही लग गया था, जब बेटा घर छोड़कर चला गया था।
रेनू अपने बड़े बेटे बबलू के साथ अदालत पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि सौरभ और मुस्कान एक-दूसरे को पहले से जानते थे और मुस्कान के कहने पर सौरभ 2016 में घर से चला गया था। इसके बाद वह परिवार से ज्यादा मुस्कान के फैसलों पर निर्भर रहने लगा। दोनों ने परिवार की सहमति के बिना शादी भी कर ली थी, जिसके बाद रिश्तों में तनाव बढ़ता गया।
शादी के बाद बिगड़े रिश्ते
परिजनों के अनुसार शादी के शुरुआती समय में सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच लगातार झगड़े होने लगे। करीब तीन साल बाद मुस्कान बच्चों को लेकर अलग रहने लगी। रेनू का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।
बेटी को लेकर भी विवाद
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि सौरभ की बेटी को भी उनसे दूर कर दिया गया है और वह फिलहाल मुस्कान के माता-पिता के पास रह रही है। परिवार उसे वापस पाने की कोशिश कर रहा है।
लंदन से लौटकर मिली दर्दनाक खबर
परिजनों ने बताया कि सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में काम करता था और बाद में लंदन में नौकरी करने लगा था। वह हर महीने करीब 50 हजार रुपये घर भेजता था। 24 फरवरी 2025 को वह बेटी और पत्नी के जन्मदिन के लिए भारत लौटा था।
लेकिन 3 मार्च 2025 को ही उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि मुस्कान और साहिल शुक्ला ने मिलकर हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया।
जेल में आमना-सामना
मामले में आरोपी मुस्कान और साहिल को मंगलवार को करीब 13 महीने बाद एक ही वाहन में अदालत ले जाया गया, जहां दोनों लगभग 1 घंटा 50 मिनट तक साथ रहे। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे से बातचीत भी की।
जेल प्रशासन ने बताया कि पेशी के बाद दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है और वे जेल के भीतर एक-दूसरे से नहीं मिल सकते, हालांकि एक-दूसरे को देख जरूर सकते हैं।