2026 के बिहार राजनीतिक घटनाक्रम में एक अहम मोड़ तब सामने आया जब 14 अप्रैल की शाम यह स्पष्ट हो गया कि Samrat Choudhary राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। पिछले करीब एक महीने से इस संभावना को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन अब इस पर आधिकारिक मुहर लगने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि Giriraj Singh ऐसे पहले नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने काफी पहले ही सम्राट चौधरी को “सीएम मटेरियल” बताया था। वर्ष 2023 में बेगूसराय में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस तरह के संकेत दिए थे।
2023 में ही दिए थे बड़े राजनीतिक संकेत
जब Samrat Choudhary बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, तब Giriraj Singh ने उन्हें भविष्य का नेतृत्वकर्ता बताते हुए “बिहार का योगी” तक कह दिया था। उन्होंने उस समय यह भी दावा किया था कि राज्य की जनता एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की तलाश में है और सम्राट चौधरी उस उम्मीद पर खरे उतर सकते हैं।
उनके इस बयान पर रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों से समर्थन जताया था।
मोदी उदाहरण से की थी तुलना
अपने संबोधन में Giriraj Singh ने उस समय प्रधानमंत्री Narendra Modi का उदाहरण देते हुए कहा था कि नेतृत्व को लेकर जनता की स्वीकार्यता कई बार औपचारिक घोषणा से पहले ही बन जाती है। उन्होंने संकेत दिया था कि बिहार की राजनीति में भी इसी तरह की स्थिति बन सकती है, जहां Samrat Choudhary को पहले ही जनसमर्थन मिल रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह में भी दिखी मौजूदगी
15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी Giriraj Singh मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने दिल्ली में Samrat Choudhary से अलग से मुलाकात भी की।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक नए नेतृत्व के उभार और संगठनात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।