उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद और अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब सेवानिवृत्ति या मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली ग्रेच्युटी (उपादान) की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
📌 किसे मिलेगा लाभ?
नए नियमों के अनुसार यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनका महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन के 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और जिन्होंने 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है।
📅 कब से लागू होगा नया नियम?
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी शासनादेश के अनुसार यह संशोधित व्यवस्था 1 जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी। यानी इस तारीख या इसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक और कर्मचारी इस बढ़ी हुई सीमा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
📊 पहले कितनी थी सीमा?
पहले 23 अगस्त 2017 के आदेश के तहत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे वेतन समिति-2016 की सिफारिशों के आधार पर लागू किया गया था।
💰 अब कितना बढ़ा लाभ?
वित्त विभाग के 2 जुलाई 2024 और 23 दिसंबर 2016 के प्रावधानों के अनुरूप संशोधन करते हुए ग्रेच्युटी सीमा में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे यह बढ़कर अधिकतम 25 लाख रुपये हो गई है।
🎓 कर्मचारियों को मिलेगा आर्थिक सुरक्षा का लाभ
इस निर्णय से राज्य के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी सामाजिक और वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी।