अलीगढ़। शहर के रेलवे रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय परिसर में रविवार को उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश सह प्रभारी तौकीर आलम की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आपसी विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। देखते ही देखते परिसर में जूते चलने और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

संगठनात्मक बैठक के दौरान शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यालय में संगठनात्मक समीक्षा बैठक चल रही थी, जिसमें जिला, महानगर और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान कार्यालय परिसर में खड़े जिला उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू और सोनू वाल्मीकि के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई।

आरोप है कि बातचीत के दौरान धार्मिक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर तनाव बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई।

मारपीट और हंगामे के बीच अफरा-तफरी

विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसी दौरान एक पक्ष की ओर से जूते से हमला भी किया गया। हंगामे के चलते कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कार्यकर्ताओं ने एक युवक को परिसर से बाहर निकाल दिया।

वरिष्ठ नेताओं ने संभाला मोर्चा

स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम और पूर्व विधायक विवेक बंसल ने हस्तक्षेप किया। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई और अनुशासन बनाए रखने की चेतावनी दी। इसके बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया।

थाने में तहरीर, जांच शुरू

इस मामले में सोनू वाल्मीकि ने जिला उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ गांधी पार्क थाने में तहरीर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके साथ मारपीट की गई।

पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने पर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संगठन ने दिया अलग-अलग बयान

इस घटना को लेकर कांग्रेस संगठन में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जिला और महानगर नेतृत्व ने मारपीट करने वाले युवक को “बाहरी” बताया है और कहा है कि वह पार्टी कार्यकर्ता नहीं है, जबकि कुछ नेताओं ने उसे संगठन से जुड़ा बताया है।

वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर बहस

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद इस मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग इसे कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और अनुशासनहीनता से जोड़कर देख रहे हैं।