हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला है। रविवार को हाथरस में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी की सरकार में रामभक्तों पर कार्रवाई हुई, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया गया और धार्मिक आयोजनों पर रोकें लगाई गईं, वही आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है।

अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार

सीएम योगी ने अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

योगी ने कहा कि अयोध्या को लेकर अब नए-नए दावे किए जा रहे हैं, जबकि वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या अपने सांस्कृतिक और धार्मिक स्वरूप के साथ वैश्विक पहचान बना रही है।

‘धार्मिक आयोजनों पर रोकें लगाई गई थीं’ – सीएम

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कई धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए गए थे, जिनमें कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी कार्यक्रम भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब सरकार मंदिरों के सौंदर्यीकरण और धार्मिक स्थलों के विकास पर काम कर रही है।

योगी ने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों में संसाधन खर्च होते थे, अब उन्हें आस्था से जुड़े स्थलों के विकास में लगाया जा रहा है।

‘अयोध्या रामभक्तों ने संवारी है’

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या आज जिस स्वरूप में दिखाई दे रही है, वह रामभक्तों के योगदान और सरकार के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अयोध्या को किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसकी पहचान स्वयं विश्व स्तर पर स्थापित हो चुकी है।

उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब अयोध्या को लेकर बयान देना केवल राजनीतिक मजबूरी लगती है।

मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी बयान

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि यदि वे धार्मिक आस्था की बात करते हैं, तो उन्हें मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए लगातार कार्य कर रही है।

कांग्रेस और आपातकाल पर टिप्पणी

अपने संबोधन में सीएम योगी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए 1975 के आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय लोकतंत्र को कमजोर किया गया और कई बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था।

उन्होंने कहा कि इतिहास को भूलकर आज संविधान की रक्षा की बात करना राजनीतिक विरोधाभास है।

यूपी में विकास और कानून-व्यवस्था पर दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है और अब राज्य में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले दंगे और कर्फ्यू की स्थिति से प्रदेश की छवि प्रभावित होती थी, लेकिन अब यूपी विकास और निवेश का केंद्र बन रहा है।