मुजफ्फरनगर। शहर में बिजली कटौती को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन और बिजली विभाग के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। मामला उस समय और गरमा गया जब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई कार्रवाई और कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की नाराजगी आमने-सामने आ गई।
बिजली कटौती से नाराज़ लोगों का प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, गांधी कॉलोनी बिजलीघर क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शनिवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद जूनियर इंजीनियर द्वारा नई मंडी कोतवाली में तहरीर देकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

मंत्री की नाराज़गी और अधिकारियों से बातचीत
मामले की जानकारी मिलने पर कई लोग अपनी शिकायत लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के पास पहुंचे। इसके बाद मंत्री ने मुख्य अभियंता से फोन पर बात करते हुए कड़ी नाराज़गी जताई और ट्रांसफॉर्मर बदलने में हुई देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए और जिलाधिकारी से भी बातचीत की।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज करने जैसी कार्रवाई से बचा जाए और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जाए।
इसके बावजूद दर्ज हुआ मुकदमा
हालांकि, इसके कुछ घंटों बाद ही नई मंडी कोतवाली में जेई की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन नामजद और करीब 15 से 20 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

मुकदमा दर्ज होने का समय शाम करीब 4:12 बजे बताया जा रहा है।
चर्चाओं में मंत्री और विभाग का टकराव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोग इसे मंत्री और विभाग के बीच समन्वय की कमी के रूप में देख रहे हैं।
सवाल यह भी उठ रहा है कि जब उच्च स्तर से राहत की बात कही गई थी, तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई कैसे आगे बढ़ी। इस मामले ने शहर में प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।