जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय और पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध व माफिया गतिविधियों पर पूरी सख्ती बरती जाए। उन्होंने विशेष तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में “दूसरा छांगुर” किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को लगातार निगरानी रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। जिले में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को कहा कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।

उन्होंने राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी लाने की भी बात कही और इसे विवादों की जड़ बताते हुए अधिकारियों से गंभीरता से काम करने को कहा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए।

नवरात्र मेले की तैयारियों की समीक्षा

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर प्रशासन और अधिकारियों के साथ आगामी चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि मेले से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज के कार्य में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि मुख्य भवन से जल्द ही शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जाएं और निर्माण कार्य मई तक हर हाल में पूरा हो। कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने परीक्षा और नए सत्र की तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने शोध, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर जोर दिया।

इसी तरह मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मई तक इसका संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा को 50 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्ताव भेजने और आवश्यक स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को कहा। उनका कहना था कि दूरदराज के क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा शुरू होने से विकास को नई गति मिलेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने तुलसीपुर में स्थायी बस अड्डा बनाने के लिए जल्द जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल के लिए 50 एकड़ भूमि देने और सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक पार्क के लिए 100 एकड़ जमीन की व्यवस्था करने को कहा।

उन्होंने बाईपास परियोजना के तहत रेलवे लाइन पर बनने वाले ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने के लिए रेलवे से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही बाढ़ नियंत्रण और आग से बचाव की तैयारियां समय रहते पूरी करने पर भी जोर दिया।

पोषण और जल संरक्षण योजनाओं की सराहना

जिले में महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए चलाए जा रहे प्रोजेक्ट संवर्धन की मुख्यमंत्री ने सराहना की। इस अभियान के तहत हजारों गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और कुपोषित बच्चों के उपचार की पहल की गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने कुओं के जीर्णोद्धार के कार्य को भी उन्होंने सराहा।

सरकारी योजनाओं की समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, ओडीओपी योजना और युवा स्वरोजगार योजना के तहत ऋण वितरण की स्थिति पर भी सवाल उठाए और इसमें तेजी लाने को कहा।

उन्होंने किसानों को प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) का अधिक लाभ दिलाने और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले शेष बजट का उपयोग कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।