मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सरकारी खरीद प्रक्रिया में जेम पोर्टल के उपयोग में विभागों की ढिलाई पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी खरीद केवल जेम पोर्टल के माध्यम से ही की जाए और खामियों को तुरंत सुधारा जाए।

समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जेम पोर्टल को कोषागार से जोड़ने के साथ-साथ पद आधारित स्थायी क्रय समिति का गठन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की खरीदारी की जानकारी दी गई। रिवर्स ऑक्शन पद्धति से 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई, जिससे शिकायतों में 80 प्रतिशत से ज्यादा कमी आई।

सीएम योगी ने कहा कि जेम पोर्टल के इस्तेमाल से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, शुचिता और समावेशिता में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों में 48 प्रतिशत और स्टार्टअप्स में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिया कि जेम पोर्टल के प्रभावी उपयोग से त्वरित, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।