मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने हरीश राणा के परिवार की मदद के लिए तुरंत कदम उठाए हैं। बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़, नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल राजनगर एक्सटेंशन स्थित हरीश राणा के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से परिवार को तत्काल ढाई लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के विवेक राहत कोष से अतिरिक्त मदद भी दी जाएगी। परिवार की आजीविका को स्थायी बनाने के लिए उन्हें स्वरोजगार हेतु एक दुकान आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
हरीश राणा के पिता अशोक राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से हैं। उन्होंने 1989 से 2021 तक दिल्ली स्थित IGI एयरपोर्ट के एक होटल में नौकरी की। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सीमित पेंशन मिलती है, जिससे जीवन यापन मुश्किल हो गया। इसके चलते उन्होंने खाद्य सामग्री बनाकर बेचने का काम शुरू किया और उसी आय से परिवार का खर्च और बेटे हरीश के इलाज का खर्च उठाते रहे।
मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने परिवार को स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी और भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले का व्यक्तिगत तौर पर संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को परिवार की सहायता के लिए निर्देशित किया था।