गैरसैंण: उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही विधानसभा में बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त मंत्री के रूप में सदन में वर्ष 2025-26 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया। सरकार ने इस बार बजट के आकार में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। चुनावी साल को देखते हुए बजट में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

जेंडर बजट में बढ़ोतरी

इस बार सरकार ने महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए जेंडर बजट भी बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए 16,961 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 19,692 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

विकास और अधोसंरचना के लिए प्रावधान

सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं के लिए बजट में राशि तय की है।

  • कुंभ मेला की तैयारियों के लिए केंद्र से मिलने वाले अनुदान हेतु 1027 करोड़ रुपये

  • ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के लिए 705 करोड़ रुपये

  • निर्भया फंड के लिए 112 करोड़ रुपये

  • पर्यटन अधोसंरचना विकास के लिए 100 करोड़ रुपये

  • हरिद्वार और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए 10-10 करोड़ रुपये

  • साइबर सिक्योरिटी और उभरती तकनीक व एआई के क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रावधान

  • विभिन्न नदी फ्रंट परियोजनाओं, पुस्तकालय निर्माण, ग्राम प्रहरी, नशा मुक्ति केंद्र और रेस्क्यू सेंटर जैसी योजनाओं के लिए भी बजट तय किया गया है।

गरीबों के लिए योजनाएं

गरीब परिवारों को राहत देने के लिए सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं में राशि बढ़ाई है।

  • अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298 करोड़ रुपये

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 56 करोड़ रुपये

  • ईडब्ल्यूएस आवास सहायता के लिए 25 करोड़ रुपये

  • परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा हेतु 42 करोड़ रुपये

  • गरीब परिवारों को रसोई गैस सब्सिडी और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं के लिए भी अलग बजट रखा गया है।

किसानों के लिए क्या है खास

कृषि और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कई योजनाओं में राशि दी गई है।

  • ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए लगभग 40 करोड़ रुपये

  • मिशन एप्पल योजना के लिए 42 करोड़ रुपये

  • दुग्ध उत्पादकों के लिए दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु 32 करोड़ रुपये

  • मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना, मिलेट मिशन और मत्स्य संपदा योजना के लिए भी अलग बजट

  • किसान पेंशन योजना और स्थानीय फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किया गया है।

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल पर जोर

युवा सशक्तिकरण के तहत कई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है।

  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये

  • पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये

  • ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम के लिए 62 करोड़ रुपये

  • गैर-सरकारी महाविद्यालयों के लिए अनुदान और शिक्षा मित्रों के मानदेय का प्रावधान

  • सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए भी अलग बजट रखा गया है।

महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं

महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं के लिए बजट में राशि तय की गई है।

  • नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये

  • प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47 करोड़ रुपये

  • मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और बाल पोषण योजनाओं के लिए अलग प्रावधान

  • महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए भी बजट तय किया गया है।

  • प्रसूताओं के लिए ईजा-बोई शगुन योजना के लिए 122 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

यूकेडी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

विधानसभा सत्र के पहले दिन उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण में प्रदर्शन किया। स्थायी राजधानी, अंकिता भंडारी हत्याकांड और अन्य मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए, लेकिन कुछ कार्यकर्ता उन्हें पार कर विधानसभा की ओर बढ़ गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस का विरोध

बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस विधायक बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए। सत्र शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।