टिहरी में हाल ही में हुए दर्दनाक सड़क हादसे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों के तहत गठित राज्य की लीड एजेंसी की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दर्ज किए।

वाहन और मार्ग की गहन जांच

जांच के दौरान टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन की भी तकनीकी रूप से जांच की। इसके आधार पर हादसे के संभावित कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

यह हादसा इतना गंभीर था कि इसमें आठ लोगों की जान चली गई थी।

प्रारंभिक निरीक्षण में क्या सामने आया

टीम ने पाया कि दुर्घटना स्थल पर सड़क की चौड़ाई पर्याप्त है और सुरक्षा के लिए पैराफिट भी लगाए गए हैं। हालांकि, मोड़ के बाद लगातार ढलान होने के कारण यह क्षेत्र जोखिमपूर्ण पाया गया।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, ढलान और मोड़ के संयोजन के चलते चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह हादसा हुआ।

अधिकारियों की मौजूदगी में जांच

उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारी और जेपीआरआई के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

टीम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और गति सीमा स्पष्ट रूप से अंकित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।