पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। यह याचिकाएं उन आरोपों को लेकर दाखिल की गई थीं, जिनमें कहा गया था कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिसके कारण वे मतदान नहीं कर पा रहे हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि जिन लोगों पर चुनाव कराने की जिम्मेदारी है, वही अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए 92 प्रतिशत मतदान पर संतोष जताया।
अपीलीय ट्रिब्यूनल जाने की सलाह
मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपनी शिकायत अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने रखें। अदालत ने कहा कि वह हर दिन अपने आदेशों में बदलाव नहीं कर सकती।
पीठ में शामिल न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही संबंधित लोग इस बार मतदान कर पाएं या नहीं, लेकिन मतदाता सूची में उनका नाम बने रहने का अधिकार अधिक महत्वपूर्ण है और इसकी न्यायिक जांच हो सकती है।
याचिकाकर्ता की दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि चुनाव ड्यूटी से संबंधित आदेश में पहले ईपीआईसी (मतदाता फोटो पहचान पत्र) नंबर का उल्लेख था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया। इसके चलते चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए मतदान करना संभव नहीं रह गया, जो पूरी तरह मनमाना कदम है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया यह रास्ता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों के नाम विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वे अपनी शिकायत लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपीलीय ट्रिब्यूनल को निर्देश दिया कि जिन लोगों ने अपनी अपील दाखिल कर रखी है और जो तत्काल सुनवाई की जरूरत साबित कर सकते हैं, उनके मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए।
कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि 13 अप्रैल के अपने पहले के आदेश में अधिकांश मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा चुकी है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के दौरान रोज नए मुद्दे सामने आ सकते हैं। ऐसे में प्रशासनिक या न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत होने पर संबंधित पक्ष कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर सकते हैं।