पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के बौबाजार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। इस दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक अंदाज में कहा कि “वे झालमुड़ी की बात कर रहे हैं, लेकिन मैं आपको भेलपुरी खिलाऊंगी।”

सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि झारग्राम में प्रधानमंत्री के कथित झालमुड़ी खाने का जो कार्यक्रम सामने आया, वह पहले से योजनाबद्ध था।

पीएम के वीडियो पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दुकान पर यह कार्यक्रम दिखाया गया, वहां पहले से कैमरे और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुरक्षा और प्रचार के लिए झालमुड़ी को पहले से घर से तैयार करके लाया गया था और दुकानदार को केवल नाममात्र की राशि दी गई।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी माहौल में इस तरह के प्रतीकात्मक कार्यक्रमों के जरिए जनता को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

खाने-पीने की संस्कृति पर टिप्पणी

अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें विभिन्न भारतीय व्यंजन पसंद हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल झालमुड़ी ही नहीं, बल्कि मछली-चिकन करी, ढोकला, डोसा, लिट्टी, ठेकुआ, सत्तू और ईद के मौके पर सेवइयां-हलवा जैसी विविध खाद्य परंपराओं का आनंद लेती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को उनकी धार्मिक या सांस्कृतिक समझ पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।

पीएम मोदी की रैली का संदर्भ

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि उनकी “झालमुड़ी” की चर्चा ने सत्तारूढ़ पार्टी को राजनीतिक रूप से असहज किया है।

पीएम मोदी ने टीएमसी पर घुसपैठ को बढ़ावा देने और कानून-व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने मातुआ और नामशूद्र समुदायों को लेकर कहा था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।