मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सेटबैक विवाद को लेकर चल रहा महिलाओं का धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब सांसद अरुण गोविल धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारी महिलाओं तथा व्यापारियों को आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए गंभीरता से विचार कर रही है।
हालांकि महिलाओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने आंदोलन वापस नहीं लिया है, बल्कि इसे केवल अस्थायी रूप से रोका गया है। उनका कहना है कि यदि उचित समाधान नहीं मिला तो वे दोबारा धरने पर बैठेंगी।
सांसद के पहुंचने पर भावुक हुआ माहौल
धरना स्थल पर सांसद अरुण गोविल के पहुंचते ही माहौल भावनात्मक हो गया। इस दौरान व्यापारी हरि पुजानी ने “मेरे घर राम आए हैं” भजन प्रस्तुत किया, जिससे कई महिलाएं भावुक हो उठीं और अपनी समस्याएं साझा करने लगीं।
सांसद ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें कानूनी जटिलताओं में पड़ने की जरूरत नहीं है, सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने महिलाओं से आंदोलन समाप्त करने की भी अपील की।
आंदोलन फिलहाल स्थगित, लेकिन चेतावनी बरकरार
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि उन्हें सरकार और अपने सांसद पर भरोसा है, लेकिन यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। इसी आधार पर धरना अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है।
दूसरी ओर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई शुरू
उधर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की टीम ने आरटीओ रोड की ओर स्थित दुकानों पर नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दुकानदारों को अवैध निर्माण हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में कार्रवाई न होने पर जिला प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण ध्वस्त किया जाएगा और उसका खर्च संबंधित दुकानदारों से वसूला जाएगा।
व्यापारियों ने सांसद का किया घेराव
धरना स्थल से लौटते समय सांसद अरुण गोविल को व्यापारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता अपने पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने सांसद को घेरकर अपनी नाराजगी जताई।
व्यापारियों का आरोप था कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। इस दौरान सांसद और व्यापारियों के बीच कुछ समय तक बातचीत भी हुई, जिसमें व्यापारियों ने अपनी मांगें और परेशानियां सामने रखीं। मौके पर थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला।