देश की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का माहौल और तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि समाज और देश की अर्थव्यवस्था को जानबूझकर नफरत और डर के ज़रिये कमजोर किया जा रहा है, ताकि लोगों को आपस में बांटकर सत्ता की राजनीति चलाई जा सके। इसी क्रम में उन्होंने उत्तराखंड की एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए एक युवक का खुलकर समर्थन किया।
उत्तराखंड की घटना पर प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में हुई घटना का जिक्र करते हुए दीपक नाम के युवक की सराहना की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दीपक ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के साथ बदसलूकी करने की कोशिश कर रही भीड़ का विरोध किया था। राहुल गांधी ने दीपक को “देश का हीरो” बताते हुए कहा कि उसने संविधान और इंसानियत की रक्षा के लिए साहस दिखाया है। उन्होंने इसे नफरत के माहौल में भाईचारे की मिसाल करार दिया।
संघ और भाजपा पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि संघ और भाजपा संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि समाज में ज़हर घोलकर और लोगों को डर के माहौल में रखकर सत्ता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देती दिखाई दे रही है।
नफरत से देश आगे नहीं बढ़ सकता
कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां नफरत, डर और अस्थिरता का माहौल हो, वहां किसी भी देश का विकास संभव नहीं है। शांति और विश्वास के बिना प्रगति केवल शब्दों तक सीमित रह जाती है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों की जरूरत है जो डर से ऊपर उठकर संविधान के पक्ष में खड़े हों। राहुल गांधी ने दीपक से कहा कि वह भयभीत न हो, कांग्रेस उसके साथ है।
बढ़ता राजनीतिक तनाव
बताया जा रहा है कि घटना के कुछ दिनों बाद कोटद्वार क्षेत्र में 40 से अधिक लोग एकत्र हुए और दीपक के विरोध में नारे लगाए गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। राहुल गांधी के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। भाजपा की ओर से अब तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।