देहरादून / चमोली – उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी है। केदारनाथ में लगातार बर्फ गिर रही है, जबकि यमुनोत्री धाम में दो दिन की बर्फबारी के बाद आज धूप खिलने से क्षेत्र का मनोरम दृश्य देखने को मिला। बदरीनाथ से औली तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर छाई हुई है।

पर्यटन स्थलों में बर्फबारी से लौटे पर्यटक

चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में मंगलवार रात से लगातार बारिश हुई। इसके चलते रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, बगजी बुग्याल, ब्रह्मताल और भीकलताल बर्फ से ढक गए। मौसम और सर्द हवाओं के कारण बुधवार को वेदनी आली-बुग्याल और भीकलताल-ब्रह्मताल रूट से 23 पर्यटक बेस कैंप लोहाजंग लौट आए।

बलाण गांव में लगातार बर्फबारी से लोग अपने घरों में कैद हैं। वन विभाग के कर्मी बलवीर सिंह बिष्ट के मुताबिक, पर्यटक और स्थानीय लोग मौसम की मार से प्रभावित हैं।

यमुनोत्री धाम में मौसम की मार, यात्रा तैयारियां प्रभावित

यमुनोत्री क्षेत्र में लगातार बर्फबारी और बारिश से जनजीवन प्रभावित है। निर्माण और व्यवस्थाओं के कार्य भी बाधित हुए हैं। यमुनाघाटी और हाईवे पर कीचड़ और दलदल की स्थिति बनी हुई है।

यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल के मुताबिक, मौसम की प्रतिकूलता के चलते यात्रा व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोलने की तैयारी है, लेकिन बारिश-बर्फबारी के कारण कठिनाइयां बढ़ सकती हैं।

बदरीनाथ से औली तक बर्फबारी, ठंड का असर

बदरीनाथ से औली तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुधवार को दिनभर बर्फबारी हुई। निचले इलाकों में बारिश के कारण अप्रैल में भी जनवरी जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती घाटी सहित अन्य क्षेत्रों में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।

गंगोत्री, गोमुख और रवांई घाटी में मौसम का कहर

गंगोत्री धाम और गोमुख क्षेत्र में भी बर्फबारी जारी है। रवांई घाटी में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। मटर, गेहूं और टमाटर जैसी फसलें खराब होने के कगार पर हैं। सेब के बागों में फूल झड़ने और रोग फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

तुंगनाथ और सुरकंडा मंदिर क्षेत्र में बर्फबारी

चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र में बुधवार को तेज बारिश के बाद बर्फबारी हुई। तुंगनाथ मंदिर बर्फ से ढक गया और पर्यटक इसकी सुंदरता देखने पहुंचे। नई टिहरी के नैनबाग क्षेत्र में ओलावृष्टि और बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ी और फसलों को नुकसान हुआ।

बारिश-बर्फबारी से यात्रा और विकास कार्य प्रभावित

बदरीनाथ हाईवे पर पर्थाडीप क्षेत्र में सड़क का डामरीकरण और समतलीकरण का काम बारिश के कारण रुक गया। नंदप्रयाग-नंदानगर रोड का चौड़ीकरण भी प्रभावित हुआ। गोपेश्वर में सीवरेज लाइन और नाली निर्माण कार्य में भी बाधा आई।

खेत और फसलों को नुकसान

थराली और आदिबदरी में बेमौसमी बारिश से गेहूं, जौ, मसूर और सब्जी फसलें प्रभावित हुई हैं। धनिया और लहसुन की फसलें भी बारिश से खराब होने लगी हैं। फलदार पौधों में फूल झड़ने से उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है।