उत्तराखंड। देवप्रयाग क्षेत्र के पास चारधाम यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों की अचानक मौत हो जाने से यात्रा दल में शोक की लहर फैल गई। दोनों घटनाएं अलग-अलग समय पर सामने आईं, जिससे पूरे रूट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के परभणी जिले से 8 लोगों का एक दल बदरीनाथ धाम के दर्शन कर वापस लौट रहा था। बुधवार को यात्रा मार्ग पर मूल्यगांव के पास 42 वर्षीय किशन नरहरी पुत्र नरहरी निले को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। साथियों ने तुरंत उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागी, देवप्रयाग पहुंचाया।
अस्पताल में तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दिव्या के अनुसार, मरीज को तत्काल सीपीआर दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कुछ ही देर बाद सामने आई दूसरी मौत
पहली घटना के बाद जब सहयात्री वाहन की ओर लौट रहे थे, तभी कुछ लोग घबराए हुए अस्पताल पहुंचे और बताया कि बस में बैठी एक बुजुर्ग महिला अचेत अवस्था में है।
डॉक्टरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां 81 वर्षीय ज्ञानोवा सावंत पत्नी सानाबो को जांच के बाद मृत पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, शरीर की स्थिति देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला की मौत अस्पताल पहुंचने से करीब 3 से 4 घंटे पहले ही रास्ते में हो चुकी थी।
अस्पताल और यात्रा मार्ग पर मचा हड़कंप
एक ही यात्रा दल के दो सदस्यों की मौत से अस्पताल परिसर और यात्रा मार्ग पर शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को 112 नंबर के माध्यम से सूचना दी गई।
देवप्रयाग पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। एसएसआई अरुण त्यागी ने टीम के साथ दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई। सभी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों और सहयात्रियों को सौंप दिए गए।