नई दिल्ली: भारत में कोऑपरेटिव मॉडल पर आधारित नई राइड-हेलिंग सेवा ‘भारत टैक्सी’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। इस कदम के साथ ही निजी कैब एग्रीगेटर बाजार में Ola और Uber को सीधी चुनौती मिलने की चर्चा तेज हो गई है। कंपनी का दावा है कि यह सेवा ड्राइवरों को ज्यादा कमाई और यात्रियों को पारदर्शी किराया उपलब्ध कराएगी।

अमित शाह ने किया लॉन्च
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भारत टैक्सी का औपचारिक शुभारंभ किया। लॉन्च के अवसर पर एक रैली भी आयोजित की गई, जिसमें ड्राइवर और यात्रियों ने भाग लिया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी “ड्राइवरों को मुनाफे का मालिक बनाती है और उन्हें सम्मान और गरिमा प्रदान करती है।”

दिल्ली-NCR में शुरू, जल्द अन्य शहरों में विस्तार
भारत टैक्सी ऐप अब दिल्ली-NCR के सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इससे पहले इसे इस क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जा रहा था। कंपनी का कहना है कि आने वाले महीनों में इसे अन्य राज्यों और शहरों में भी लॉन्च किया जाएगा।

Ola-Uber से कैसे अलग है भारत टैक्सी?
भारत टैक्सी खुद को ड्राइवर-फ्रेंडली और पारदर्शी बताती है। इसके मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

  • नो-कमीशन मॉडल: ड्राइवर को पूरी कमाई मिलेगी, कोई भारी कमीशन नहीं। भविष्य में मामूली शुल्क (25–30 रुपये प्रति दिन) लिया जा सकता है।

  • यात्रियों के लिए पारदर्शिता: किराया तय और कम, सर्ज प्राइसिंग नहीं। Ola और Uber की तरह मांग बढ़ने पर किराया नहीं बढ़ेगा।

सरकारी समर्थन, लेकिन निजी संचालन
हालांकि भारत टैक्सी को सहकारिता मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है, यह कोई सरकारी सेवा नहीं है। इसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसे अमूल सहित अन्य सहकारी संस्थाओं का समर्थन भी हासिल है।

ड्राइवरों के लिए रोजगार और लोन
भारत टैक्सी ड्राइवरों को सरकारी लोन उपलब्ध कराने की योजना भी बना रही है ताकि वे अपनी खुद की टैक्सी खरीद सकें। कंपनी का मानना है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ड्राइवर आत्मनिर्भर बनेंगे।

सुरक्षा और टेक्नोलॉजी पर जोर
यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए भारत टैक्सी ने दिल्ली और गुजरात पुलिस के साथ साझेदारी की है। ऐप में शामिल फीचर्स:

  • रियल-टाइम ट्रैकिंग

  • वेरिफाइड ड्राइवर

  • मल्टीलिंगुअल सपोर्ट

  • 24×7 कस्टमर केयर

इसके अलावा भविष्य में भारत टैक्सी को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी है।

निष्कर्ष: कैब बाजार में बदलाव की संभावना
भारत टैक्सी का कोऑपरेटिव और नो-कमीशन मॉडल ड्राइवरों के लिए राहत और यात्रियों के लिए पारदर्शिता ला सकता है। यदि यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल होता है, तो भारत में राइड-हेलिंग इंडस्ट्री के समीकरण बदल सकते हैं।