बिजनौर: हरिद्वार से गंगा स्नान कर प्रयागराज लौट रही एक टूरिस्ट मिनी बस मंगलवार तड़के सड़क हादसे का शिकार हो गई। कोतवाली रोड स्थित ऑक्सफोर्ड चौराहे के पास एक कार से टक्कर के बाद बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में बस चालक सहित 14 यात्री और कार सवार एक दंपती व उनके चार बच्चे घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, प्रयागराज निवासी चालक रंगीला सहित 14 पर्यटक तीन दिन पहले गर्मी की छुट्टियां मनाने मसूरी गए थे। यात्रा के दौरान सोमवार रात उन्होंने हरिद्वार में गंगा स्नान किया और वापसी के लिए निकल पड़े। मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जब मिनी बस ऑक्सफोर्ड चौराहे के पास पहुंची, तभी शादीपुर रोड से आ रही एक कार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।

कार को किरतपुर क्षेत्र के गांव भनेड़ा निवासी शहजाद चला रहा था, जो अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ ईद मिलन के लिए स्योहारा क्षेत्र के गांव गैंडाजूड़ स्थित ससुराल जा रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि मिनी बस सड़क पर पलट गई, जबकि कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल छह लोगों को बेहतर इलाज के लिए आर्य हॉस्पिटल रेफर किया गया। इस दुर्घटना के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में वाहनों को हटाकर सामान्य कर दिया गया।

घायलों की सूची और स्थिति

हादसे में बस चालक रंगीला, विनय, सनी, पूरन चंद द्विवेदी, सुरेंद्र दयाल, विवेक केसरवानी, अमन, अवनीश तिवारी, कुलदीप, विकास त्रिपाठी, अमर, शिवदत्त, विशेष त्रिपाठी और अजय शंकर घायल हुए हैं। वहीं कार सवार शहजाद, उनकी पत्नी इशरत और चार बच्चे भी घायल हुए हैं। इनमें शिवदत्त, अमन, पूरन चंद द्विवेदी, अवनीश तिवारी, शहजाद और इशरत की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ऑक्सफोर्ड चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली रोड स्थित ऑक्सफोर्ड चौराहा लगातार दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। तेज रफ्तार वाहनों और ट्रैफिक नियंत्रण की कमी के कारण यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और बेहतर यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहेगी।