बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर जनपद के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गांवड़ी पहुंचे। दोपहर करीब 1:55 बजे उनका हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर उतरा, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।

प्रदर्शनी और योजनाओं का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी विभिन्न विकास और उत्पाद प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए ‘विदुर ब्रांड’ उत्पादों, कृषि एवं उद्यानिकी स्टॉल, ऊर्जा विकास से जुड़ी योजनाओं और पुलिस विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस दौरान उन्होंने प्रेरणा कैफे का उद्घाटन भी किया और विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली।

लाभार्थियों से मुलाकात और योजनाओं का वितरण

सीएम योगी ने पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए शरणार्थी परिवारों और पूर्व सैनिक परिवारों से मुलाकात की। कार्यक्रम में किसानों और पूर्व सैनिकों को अधिकार पत्र और खतौनी भी वितरित की गईं। इसके साथ ही कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया।

जनसभा को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

लगभग 2:20 बजे मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे, जहां जनसमूह ने उनका जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया।

गाजियाबाद मुठभेड़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में गलत दिशा में जा रहे लोगों के प्रति सख्त रवैया जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ईमानदार और कानून का पालन करने वाले नागरिकों की सुरक्षा है।

कानून-व्यवस्था और सख्त कार्रवाई पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में बिना भेदभाव सभी वर्गों तक विकास योजनाएं पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि अपराध और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अहिंसा और करुणा के साथ-साथ समाज में गलत प्रवृत्तियों के खिलाफ कठोर कदम उठाना भी आवश्यक है।

प्रशासन रहा सतर्क, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अफसर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। कार्यक्रम स्थल के आसपास व्यापक सुरक्षा घेरा बनाया गया था।

पांच बार टल चुका था दौरा

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा पहले 9 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन इसके बाद 13 अप्रैल, 2 मई, 9 मई और 30 मई को भी कार्यक्रम स्थगित होता रहा। अंततः सोमवार को यह दौरा सफल हो सका।

यातायात व्यवस्था में बदलाव

मुख्यमंत्री के दौरे के चलते सुबह 8 बजे से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए। पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग और चेकिंग भी की गई।