गाजियाबाद। जिले में पोलियो वायरस के मामले की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्तरीय अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सचिन चंद्र वैश्य के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

तीन दिन में हजारों घरों का सर्वे

अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में 6,000 से अधिक घरों का दौरा किया गया है। इस दौरान पांच वर्ष तक की उम्र के लगभग 1,500 बच्चों का स्वास्थ्य सर्वे भी पूरा किया गया। टीकाकरण की स्थिति और पोलियो ड्रॉप्स की उपलब्धता की भी जांच की जा रही है।

बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील तालियान और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता भी मौजूद रहे।

107 टीमें जुटीं निगरानी में

स्वास्थ्य विभाग ने 12 क्षेत्रों में 107 टीमों को तैनात किया है, जो घर-घर जाकर बच्चों के टीकाकरण रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। टीमें यह भी रिकॉर्ड तैयार कर रही हैं कि किन बच्चों को पोलियो की खुराक मिली है और किन्हें नहीं।

अधिकारियों के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 1.5 लाख बच्चों का सर्वे किया जाना है। इसके साथ ही बाहर से आने-जाने वाले बच्चों की भी ट्रैकिंग की जा रही है।

टीकाकरण में लापरवाही की आशंका

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि मामले की वजह टीकाकरण में संभावित लापरवाही हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर मलिन बस्तियों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों का डेटा एकत्र किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।