ब्रिटेन के सोलिहल प्लांट से आखिरी Jaguar F-Pace एसयूवी की असेंबली लाइन से उतरते ही जगुआर ने अपने 90 साल पुराने पेट्रोल-डीजल इंजन (ICE) युग को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया। F-Pace, जो कंपनी की पहली एसयूवी होने के साथ-साथ सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी रही, अब जगुआर के आंतरिक दहन इंजन वाले मॉडल का अंतिम अध्याय बन गई है।
काली F-Pace SVR बनी प्रतीकात्मक अंतिम कार
आखिरी यूनिट के तौर पर एक काली Jaguar F-Pace SVR का चयन किया गया। यह निर्णय प्रतीकात्मक था, क्योंकि जगुआर के इतिहास में पहले भी काली E-Type ने युगांतकारी अंतिम मॉडल के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। इस ऐतिहासिक कार को जगुआर डेमलर हेरिटेज ट्रस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर मैथ्यू डेविस ने स्वीकार किया और इसे गायडन स्थित नेशनल कलेक्शन में शामिल किया, जहां कंपनी के अन्य ‘अंतिम’ मॉडल भी संरक्षित हैं।
पहली SUV से कंपनी की बेस्ट-सेलर तक का सफर
F-Pace ने 2015 में डेट्रॉइट ऑटो शो में अपनी पहली झलक दिखाई और 2016 में आधिकारिक तौर पर लॉन्च हुई। भारत में यह अक्तूबर 2016 में उपलब्ध हुई। शुरुआत में केवल डीजल इंजन के साथ उपलब्ध इस मॉडल ने उन ग्राहकों को आकर्षित किया, जो स्पोर्ट्स कार की विरासत के साथ प्रैक्टिकल विकल्प चाहते थे। 2018 में इसमें पेट्रोल इंजन जोड़ा गया। आखिरी मॉडल में 2.0-लीटर पेट्रोल (247 bhp) और 2.0-लीटर डीजल (204 bhp) इंजन विकल्प थे। भारत में इसकी आखिरी एक्स-शोरूम कीमत 72.90 लाख रुपये थी।
भविष्य की ओर: पूरी तरह इलेक्ट्रिक जगुआर
F-Pace का उत्पादन बंद होने से यह स्पष्ट हो गया कि अब जगुआर के पोर्टफोलियो में कोई भी ICE-पावर्ड मॉडल नहीं बचेगा। दिसंबर 2024 में कंपनी ने Type 00 कॉन्सेप्ट के जरिए भविष्य की डिजाइन भाषा पेश की। यह चार-दरवाजों वाली इलेक्ट्रिक सेडान होगी, जिसे 2026 में प्रोडक्शन में लाने की उम्मीद है। Type 00 अल्ट्रा-आधुनिक और मिनिमलिस्ट ग्रैंड टूरर होगी, जो पारंपरिक जगुआर डिज़ाइन से पूरी तरह अलग है।
लॉन्च के बाद Type 00 Porsche Taycan और Audi e-Tron GT जैसी इलेक्ट्रिक सेडानों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी। यह कदम जगुआर को अल्ट्रा-लग्जरी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा, जहां कंपनी अब अपनी विरासत से आगे बढ़कर भविष्य की तकनीक और डिजाइन को आकार दे रही है।