गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन ने खोड़ा क्षेत्र में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ भारी पुलिस बल के साथ खोड़ा पहुंचे और इलाके की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान तीन अवैध मदरसों की पहचान की गई है, जिन्हें पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। अब इन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

तीन दिन का व्यापक सत्यापन अभियान

सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने खोड़ा सहित पूरे ग्रामीण क्षेत्र में तीन दिवसीय सत्यापन अभियान चलाया है। अभियान के तहत 17 हजार से अधिक अपराधियों के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। इनमें खोड़ा क्षेत्र के लगभग 600 अपराधी और 14 हिस्ट्रीशीटर विशेष निगरानी में रखे गए हैं।

सोमवार को चले अभियान में पुलिस के अलावा राजस्व विभाग की टीम और डॉग स्क्वायड भी शामिल रहे। घरों की तलाशी के दौरान मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया गया, जबकि ड्रोन के माध्यम से इलाके में बने मकानों का भौतिक सर्वे भी कराया जा रहा है।

कई अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

अभियान का संचालन एडिशनल सीपी राज करण नैय्यर और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की निगरानी में किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन कार्य के लिए तीन एसीपी और पांच थाना प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक एसीपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।

पुलिस का कहना है कि जिन लोगों को चिन्हित किया गया है, वे हत्या, लूट, चोरी, छिनैती, मादक पदार्थों की तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं। खोड़ा के बाद यह अभियान इंदिरापुरम, साहिबाबाद, कौशांबी, शालीमार गार्डन, लिंक रोड और टीलामोड़ क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा।

आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की भी जांच

नगर पालिका के सहयोग से प्रशासन क्षेत्र में विस्तृत सर्वे करवा रहा है। इस दौरान सूर्या हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संपत्ति पर अवैध कब्जा, निर्माण या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।

असद के पुराने मकान पर चस्पा किया गया नोटिस

सोमवार सुबह प्रशासनिक टीम ने सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के पुराने मकान पर मुनादी करवाई। ढोल बजाकर लोगों को प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी दी गई और मकान के मुख्य द्वार पर सरकारी नोटिस भी लगाया गया।

नोटिस के अनुसार, करीब 50 गज में बने दो मंजिला मकान को अवैध निर्माण की श्रेणी में माना गया है। प्रशासन ने 15 जून तक भवन खाली करने का निर्देश दिया है। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आई है कि मकान करीब छह महीने पहले बेचा जा चुका था। अधिकारियों के मुताबिक, संपत्ति से संबंधित कुछ राजस्व और स्वामित्व संबंधी प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं, जिसकी जांच जारी है।

पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था मुख्य आरोपी

गौरतलब है कि बकरीद के दिन खोड़ा में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या प्रताप की हत्या के मामले में नामजद मुख्य आरोपी असद शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस के अनुसार, वसुंधरा-खोड़ा मार्ग पर घेराबंदी के दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया, जिसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि असद क्षेत्र छोड़कर फरार होने की योजना बना रहा था और इसी सिलसिले में अपने परिचितों से रुपये लेने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे घेर लिया।