मेरठ। मवाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब अटौरा रोड से स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग कस्बा मवाना निवासी इकरामुद्दीन को अपने साथ ले गए। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और कुछ लोगों ने आशंका जताई कि मामला किसी जांच एजेंसी, संभवतः एटीएस से जुड़ा हो सकता है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी होने से इनकार किया है।
सुबह स्कॉर्पियो में आए और युवक को ले गए
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार लोग अटौरा रोड पहुंचे और इकरामुद्दीन को अपने साथ ले गए। इकरामुद्दीन मवाना के रहने वाले हैं और परिवार में तीन भाई व चार बहनें हैं।
वह अपने परिवार में दूसरे नंबर के भाई हैं और युवाओं को विदेश, विशेषकर सऊदी अरब में रोजगार दिलाने का काम भी करते हैं।
परिजनों का दावा, पुरानी शिकायत से जुड़ा मामला
परिजनों ने बताया कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने खुद को किसी जांच से जुड़ा बताते हुए कहा कि इकरामुद्दीन ने किसी ‘पंडित’ नाम के व्यक्ति को सऊदी अरब भेजा था, जिससे संबंधित शिकायत की जांच के लिए उन्हें ले जाया गया है।
इस पूरे मामले को लेकर एसपी देहात अभिजीत कुमार और सीओ पंकज लवानिया ने किसी भी आधिकारिक जानकारी से अनभिज्ञता जताई है।
संदिग्ध नेटवर्क और जांच एजेंसियों की कार्रवाई
इसी बीच मवाना क्षेत्र के सठला गांव निवासी एक अन्य व्यक्ति आकिब खान को लेकर भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। बताया जा रहा है कि उसका पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टरों से संपर्क सामने आया है और वह फिलहाल दुबई में मौजूद है।
आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए धमकी भरे वीडियो भी साझा करता है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर पहले ही जारी किया जा चुका है और अब उसका पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
जांच एजेंसियों की नजर
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं। एटीएस की ओर से जल्द ही पासपोर्ट कार्यालय को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों में कुछ नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़कर विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में ला रहे हैं, जिस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।