गाजियाबाद। बिहार के भागलपुर निवासी समीर उर्फ शूटर को क्राइम ब्रांच ने उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि समीर और उसके सहयोगियों ने देश के विभिन्न सैन्य ठिकानों की रेकी कर पाकिस्तानी आतंकियों को फोटो-वीडियो भेजे। गिरफ्तारियों में शामली निवासी समीर पठान और भोवापुर (गाजियाबाद) निवासी शिवराज भी शामिल हैं।
कैसे की रेकी और वीडियो साझा किया
जानकारी के अनुसार, समीर दिल्ली के चांदनी चौक स्थित राजा हिंदुस्तानी होटल में प्लेट धोने का काम करता था। इसी दौरान उसने राजस्थान, कर्नाटक, असम समेत कई राज्यों में आर्मी, सीआरपीएफ और नेवी के कार्यालय, कैंटीन और चिकित्सालयों जैसी संवेदनशील जगहों की फोटो-वीडियो बनाई।
समीर ने बताया कि उसने कर्नाटक के आईएनएस कदंबा नौसैनिक अड्डे का वीडियो बनाकर बोटिम एप के जरिए पाकिस्तान भेजा था। इसके अलावा असम के धुबरी जिले के बमुनिगांव और राजस्थान, जोधपुर के सैन्य ठिकानों की भी तस्वीरें साझा की गई थीं।
सहयोगियों और फंडिंग का नेटवर्क
समीर ने अपने नेटवर्क में मेरठ निवासी सुहेल मलिक को शामिल किया था, जो युवाओं को जोड़कर फोटो-वीडियो जुटाने में मदद करता था। इसके अलावा दिनेश के खाते के माध्यम से समीर को विदेशी फंडिंग पहुंचाई जाती थी। दिल्ली के जनसेवा केंद्र के जरिए यह पैसा उसे मिल रहा था।
शामली के समीर पठान और मीरा के संबंध
जांच में सामने आया कि शामली के बुटराड़ा गांव निवासी समीर पठान और पहले गिरफ्तार की जा चुकी मीरा के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों के मोबाइल से कुछ चैट बरामद हुई हैं। मीरा का संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर सरफराज उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह से भी था।
समीर, समीर पठान और मीरा ने पानीपत रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी योजना बनाई थी।
अन्य सहयोगियों की भूमिका
भोवापुर निवासी शिवराज और प्रवीन भी रेकी में शामिल थे। शिवराज को इसमें हिस्सेदारी के रूप में डेढ़ हजार रुपये दिए गए थे। समीर पठान का परिवार मजदूरी करता है और वह खुद जेसीबी चलाना सीख रहा था।