नई दिल्ली। भारत में कदम रखने के कुछ ही महीनों के भीतर अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Tesla को अपनी लोकप्रिय SUV Model Y की बिक्री में उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं मिल पाई है। Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार, मांग सुस्त रहने के चलते कंपनी अब कुछ चुनिंदा ग्राहकों को करीब दो लाख रुपये तक की छूट दे रही है। हालांकि, इसे आधिकारिक कीमत में कटौती नहीं माना जा रहा है, बल्कि यह ऑफर टेस्ट ड्राइव और व्यक्तिगत बातचीत के दौरान सीमित मामलों में दिया जा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि Tesla ने पिछले वर्ष भारत में लगभग 300 यूनिट Model Y का आयात किया था। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी इनमें से लगभग एक-तिहाई वाहन अब तक बिक नहीं पाए हैं। इसी शेष स्टॉक को निकालने के लिए कंपनी ने कुछ गाड़ियों पर विशेष इंसेंटिव देना शुरू किया है।

यह छूट सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं है। Bloomberg के मुताबिक, Tesla की रणनीति फिलहाल व्यापक स्तर पर कीमत घटाने की नहीं, बल्कि चुनिंदा वाहनों की बिक्री को तेज करने की है। यानी कंपनी पूरे मॉडल की कीमत कम करने के बजाय सीमित और टारगेटेड ऑफर के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।

भारत में Tesla की सबसे बड़ी चुनौती इसकी ऊंची कीमत बताई जा रही है। कंपनी ने फिलहाल सिर्फ Model Y को ही पूरी तरह इम्पोर्टेड यूनिट के रूप में पेश किया है। भारी आयात शुल्क जुड़ने के बाद इस इलेक्ट्रिक SUV की कीमत करीब 60 लाख रुपये तक पहुंच जाती है, जिससे यह सीधे प्रीमियम और लग्जरी EV सेगमेंट में आ जाती है। भारतीय बाजार में, जहां कीमत और स्थानीय सर्विस नेटवर्क को काफी महत्व दिया जाता है, इतनी ऊंची कीमत कई संभावित खरीदारों के लिए रुकावट बन रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्च के शुरुआती दिनों में Model Y को लेकर अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली थी और सैकड़ों बुकिंग भी दर्ज हुई थीं। लेकिन इसके अनुपात में वाहनों का रजिस्ट्रेशन अपेक्षाकृत कम रहा। माना जा रहा है कि कई ग्राहकों ने अंतिम निर्णय से पहले BMW और BYD जैसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक SUVs से तुलना की, जहां कुछ मॉडलों में बेहतर कीमत और मजबूत लोकल सपोर्ट मिलने के कारण विकल्प बदल लिया गया।