उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक खास और चर्चित खबर सामने आई है। मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका सिंह यादव अब वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। दोनों युवा जनप्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं।
दोनों ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले स्थित एक निजी रिसॉर्ट में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। विवाह समारोह को बेहद निजी रखा गया, जिसमें केवल परिवार के करीबी सदस्य और चुनिंदा लोग ही शामिल हुए।
परिवार की मौजूदगी में हुई शादी
शादी समारोह में गौरव चौधरी के परिवार की ओर से उनके पिता चौधरी महकार सिंह, माता रेखा देवी, भाई नितिन चौधरी और भाभी निहारिका सिंह मौजूद रहीं। वहीं मोनिका सिंह यादव की ओर से उनके पिता और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने विवाह की रस्में निभाईं।
विवाह के बाद दोनों ने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया। अब माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जा सकता है, जिसमें राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं।

जर्मनी से लौटकर राजनीति में आए गौरव चौधरी
मेरठ के कुसेड़ी गांव निवासी गौरव चौधरी की पृष्ठभूमि काफी दिलचस्प मानी जाती है। वर्ष 2006 में वह इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई के लिए जर्मनी गए थे। वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने होटल, रियल एस्टेट और रिटेल सेक्टर में बड़ा कारोबार खड़ा किया।
हालांकि, साल 2021 में वह भारत लौट आए और सक्रिय राजनीति में कदम रखा। भारत लौटने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और बाद में निर्विरोध मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए।
कॉर्पोरेट प्रोफेशनल से राजनीति तक मोनिका यादव का सफर
फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका सिंह यादव एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रह चुके हैं, जबकि परिवार का लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है।
राजनीति में आने से पहले मोनिका एक मल्टीनेशनल कंपनी में एचआर हेड के पद पर कार्य कर चुकी हैं। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी लोकप्रियता मानी जाती है।
मुख्यमंत्री आवास की बैठक में हुई थी पहली मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक, दोनों की पहली मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयोजित एक प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान हुई थी। यह कार्यक्रम जिलों के विकास मॉडल और प्रशासनिक योजनाओं को लेकर आयोजित किया गया था।
गौरव चौधरी अपने अंतरराष्ट्रीय बिजनेस अनुभव के कारण चर्चा में थे, जबकि मोनिका यादव के पास कॉर्पोरेट सेक्टर का अनुभव था। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। परिवारों की सहमति के बाद दोनों ने विवाह का फैसला लिया।