बिहार चुनाव: शिक्षा, रोजगार और मुफ्त बिजली… महागठबंधन के 10 बड़े वादे

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने मंगलवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया, जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है। इस घोषणा पत्र में युवाओं के रोजगार से लेकर महिलाओं, किसानों और वरिष्ठ नागरिकों के हितों को केंद्र में रखा गया है।
महागठबंधन ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर 20 दिनों के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने संबंधी अधिनियम लाया जाएगा और 20 महीनों के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संविदा और आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी करने का भी संकल्प लिया गया है।
रोजगार और उद्योग पर फोकस
घोषणा पत्र में कहा गया है कि राज्य में आईटी पार्क, स्पेशल इकोनॉमिक जोन, डेयरी और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज, हेल्थ सर्विसेज, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कौशल आधारित रोजगार सृजित किए जाएंगे। मछली पालन और पशुपालन को भी आर्थिक विकास का अहम आधार बताया गया है।
महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
महागठबंधन ने महिलाओं के लिए “माई-बहिन मान योजना” की घोषणा की है, जिसके तहत दिसंबर से प्रत्येक पात्र महिला को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अगले पांच वर्षों तक महिलाओं को सालाना ₹30,000 की मदद का प्रावधान रहेगा।
वृद्धजनों और विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत ₹1,500 मासिक पेंशन दी जाएगी, जिसमें हर वर्ष ₹200 की बढ़ोतरी की जाएगी। दिव्यांगजनों को ₹3,000 मासिक पेंशन देने की भी घोषणा की गई है।
जीविका दीदियों और कर्मचारियों के लिए प्रावधान
घोषणा पत्र के अनुसार, सभी जीविका (CM) दीदियों को स्थायी कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा और ₹30,000 मासिक वेतन तय होगा। उनके द्वारा लिए गए कर्ज पर ब्याज माफ करने और दो साल तक बिना ब्याज ऋण देने का वादा किया गया है।
बुनियादी ढांचा और बिजली योजना
राज्य में पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाने की घोषणा की गई है। साथ ही, हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया गया है। इससे पहले दिल्ली और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी ऐसी योजनाएं लागू की जा चुकी हैं।
अन्य प्रमुख वादे
घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने, सहारा इंडिया के निवेशकों को फंसी राशि दिलाने, तथा माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के मनमाने ब्याज दरों और महिलाओं से दुर्व्यवहार पर नियंत्रण के लिए नियामक कानून लाने की बात कही गई है।
तेजस्वी यादव बोले—‘यह दलों और दिलों का प्रण’
घोषणा पत्र जारी करते हुए आरजेडी नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा, “यह केवल दलों का नहीं, दिलों का प्रण है। हम इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। बिहार को विकसित और अव्वल राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है।”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “कुछ बाहरी ताकतें बिहार को उपनिवेश बनाना चाहती हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। इस बार जनता वोट की चोरी नहीं होने देगी।”
एनडीए पर निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि “भाजपा और भ्रष्ट अधिकारियों ने उन्हें पुतला बना दिया है। एनडीए ने अब तक मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है, न ही उनका घोषणा पत्र सामने आया है।”
महागठबंधन के इस ‘तेजस्वी प्रण’ के साथ बिहार की सियासी जंग अब और तेज हो गई है, जहां रोजगार, बिजली और महिलाओं की भागीदारी चुनावी विमर्श का मुख्य मुद्दा बनने के संकेत दे रही है।
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