बिहार में मोंथा चक्रवात का कहर, 36 घंटे तक बारिश का अलर्ट; चुनावी रैलियों पर पड़ा असर

बिहार में मोंथा चक्रवात का प्रभाव शुक्रवार को भी जारी रहा। राज्य के कई जिलों — पटना, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और खगड़िया — में सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। बांका और मोतिहारी में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई इलाकों में धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक राज्यभर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के तटवर्ती क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बिहार में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 24 घंटों में उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
किशनगंज और कटिहार में भारी वर्षा की संभावना
मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी देते हुए कहा है कि 1 नवंबर को किशनगंज और कटिहार जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। हालांकि, 3 नवंबर से अगले छह दिनों तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।
चुनावी प्रचार पर भी पड़ा असर
खराब मौसम ने विधानसभा उपचुनाव प्रचार को भी प्रभावित किया है। बारिश और तेज हवाओं के कारण करीब 25 से अधिक हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। तेजस्वी यादव और पवन सिंह की जनसभाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि प्रियंका गांधी की रैली पर भी मौसम का असर पड़ा। गृह मंत्री अमित शाह का हेलीकॉप्टर गोपालगंज में उतर नहीं सका, जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन रैली के माध्यम से जनता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मधुबनी में निर्धारित सभा भी रद्द कर दी गई, हालांकि उन्होंने सड़क मार्ग से रोड शो कर समर्थकों से संवाद किया।
अगले सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 नवंबर को बिहार के लगभग सभी हिस्सों — उत्तर पश्चिम, उत्तर मध्य, उत्तर पूर्व और दक्षिण बिहार — में हल्की बारिश के आसार हैं। 2 नवंबर को उत्तर बिहार के कुछ क्षेत्रों में हल्की बौछारें हो सकती हैं।
3 से 7 नवंबर के बीच राज्य में मौसम के सामान्य और शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
कृषि और दैनिक जीवन पर प्रभाव
लगातार हो रही बारिश से धान की कटाई और मंडी में खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई है। ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी ट्रैफिक पर असर देखा गया है। मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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