आम की गुठली भी है काम की चीज, रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले फायदे

आम का स्वाद तो लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इसके बाद बचने वाली गुठली अक्सर लोग फेंक देते हैं या फिर गमले में पौधा लगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। हालांकि रिसर्च के अनुसार आम की गुठली सिर्फ कचरा नहीं है, बल्कि इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
कुछ अध्ययनों में यह सामने आया है कि आम की गुठली को सही तरीके से प्रोसेस करके डाइट में भी शामिल किया जा सकता है। इसे सुखाकर इसके बीज से आटा, सब्जी, अचार और यहां तक कि मुखवास (माउथ फ्रेशनर) भी तैयार किया जाता है। हालांकि इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
आम की गुठली में पाए जाने वाले विटामिन
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आम के बीजों के अर्क में विटामिन A, C, E और K पाए जाते हैं।
विटामिन A आंखों के लिए फायदेमंद माना जाता है, जबकि विटामिन C इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। विटामिन E स्किन हेल्थ के लिए जरूरी है, वहीं विटामिन K हड्डियों के निर्माण और ब्लड क्लॉटिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व
अध्ययनों के अनुसार आम की गुठली में पोटेशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम और सोडियम जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर भी मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए उपयोगी माने जाते हैं।
अमीनो एसिड्स भी मौजूद
पबमेड पर प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, मैंगो सीड एक्सट्रैक्ट में कई अमीनो एसिड्स जैसे वेलिन, थ्रेओनिन, मेथियोनिन, लाइसिन, हिस्टिडिन, सिस्टीन, सेरीन, टायरोसिन, ग्लाइसिन और ग्लूटामेट पाए जाते हैं, जो शरीर के विभिन्न कार्यों में मदद करते हैं।
संभावित फायदे
कुछ विश्लेषणों में यह पाया गया है कि आम की गुठली का अर्क कोलेस्ट्रॉल, LDL, ट्राइग्लिसराइड्स और VLDL के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही यह HDL (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) और रेड ब्लड सेल्स (RBC) के स्तर को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार आम की गुठली का सेवन बहुत सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में इसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि इसे सामान्य खाद्य पदार्थ की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।
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