हिमाचल में मानसून का कहर: तीन जगह बादल फटे, महिला की मौत, कई सड़कें बंद

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बुधवार को लाहौल-स्पीति और चंबा में तीन स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आईं, जबकि मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं तथा कई इलाकों में सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
लाहौल-स्पीति में बादल फटने से नुकसान
मंगलवार रात लाहौल-स्पीति जिले में दो स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं। पट्टन घाटी के पड़ाक गांव में अचानक आई बाढ़ से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा और रीवालिंग संपर्क मार्ग बाधित हो गया। वहीं जिस्पा क्षेत्र में बादल फटने से नाले में तेज बहाव आ गया, जिससे मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और तांदी-संसारी मार्ग प्रभावित हुए।
चंबा में सड़कें और पुलियां बहने से संपर्क टूटा
चंबा जिले के साहो क्षेत्र की कीड़ी पंचायत में बादल फटने से बागवानी और सड़क नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। कीड़ी-बंजल मार्ग पर करीब 500 मीटर सड़क बह गई, जबकि तीन पैदल पुलियां भी तेज बहाव में बह गईं। कई क्षेत्रों का संपर्क घंटों तक बाधित रहा।
मंडी में महिला की मौत
मंडी जिले में सुबह से हुई भारी बारिश के बीच औट क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक महिला कार से उतरकर अपने बच्चे को संभाल रही थी, तभी पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आ गई। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कई जिलों में सड़कें और बिजली व्यवस्था प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बारिश के चलते प्रदेशभर में 35 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। कई इलाकों में पेयजल और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, शिमला, किन्नौर और सिरमौर सहित कई जिलों में जलभराव, भूस्खलन और सड़क धंसने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर भारी भूस्खलन के कारण यातायात दिनभर प्रभावित रहा।
सामान्य से 251 फीसदी अधिक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून की रात से 1 जुलाई की शाम तक प्रदेश में सामान्य से 251 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में जहां 4.1 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है, वहीं वास्तविक वर्षा 14.4 मिमी रिकॉर्ड की गई।
कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, बिलासपुर और हमीरपुर जैसे जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सिरमौर में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई।
चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए 2 और 3 जुलाई को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। विभाग ने 7 जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है।
श्रीखंड महादेव यात्रा पर अस्थायी रोक
खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए प्रशासन ने श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। एसडीएम निरमंड द्वारा जारी आदेश के अनुसार अगले निर्देश तक किसी भी श्रद्धालु, ट्रैकर या टूर एजेंसी को इस मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने या यात्रा संचालित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षा को प्राथमिकता देने और मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थगित रखने की अपील की है।
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