बिहार में उद्योगों के लिए 13 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण, सरकार का बड़ा कदम

पटना। बिहार सरकार राज्य में उद्योगों के विस्तार को मजबूती देने के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चला रही है। बजट भाषण में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि 20 जिलों में 13 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन विभिन्न औद्योगिक और विकास परियोजनाओं के लिए ली जा रही है।
उन्होंने बताया कि इसके तहत विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 210 एकड़ भूमि, जबकि सीतामढ़ी–शिवहर नई रेल लाइन के निर्माण हेतु लगभग 400 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए भी भूमि जुटाई जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। भूमि विवादों को खत्म करने के लिए विशेष सर्वेक्षण कराया जा रहा है। पहले चरण में शामिल 20 जिलों में यह कार्य अंतिम दौर में है, जबकि दूसरे चरण के 18 जिलों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सरकार ने 100 दिनों की कार्ययोजना के तहत हर जिले में भूमि सुधार जन संवाद शुरू किया है, जिससे रैयतों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसके साथ ही राजस्व अभिलेखों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का अभियान भी तेज कर दिया गया है। खतियान, राजस्व मानचित्र और अन्य रिकॉर्ड स्कैन कर विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं, जिन्हें आम लोग भी देख सकते हैं। शेष जरूरी दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन इसी वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा।
राजस्व महाअभियान के दौरान डिजिटल जमाबंदी में दर्ज गलतियों को भी सुधारा गया है। इस प्रक्रिया में खाता, खेसरा, रकबा और नाम से जुड़ी त्रुटियों को दुरुस्त किया गया, साथ ही नामांतरण के मामलों का तेजी से निपटारा हुआ।
वर्तमान में चल रहे बिहार विशेष सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यक्रम के तहत मिले आर्थोफोटोग्राफ डाटा का सत्यापन और विशेष मानचित्रों में सुधार किया जा रहा है। इसके लिए पूरे राज्य में 35 विशेष केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
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