दुबई में हत्या: जिसने बचाई थी छोटे भाई की जान, गोल्डी बराड़ ने उसे मरवाया

दुबई में गुरलाल बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई के नजदीकी सहयोगी माने जाने वाले सुखदीप उर्फ सिप्पा उर्फ जोरा सिद्धू की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार उन पर चलती कार के भीतर धारदार हथियार से हमला किया गया। घटना के पीछे गोल्डी बराड़ और उसके करीबी रोहित गोदारा का नाम सामने आया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए पोस्ट भी जारी की है।
बताया जा रहा है कि हमलावर जर्मनी से दुबई पहुंचे थे और पहले सिप्पा का विश्वास जीतकर उससे मिलने गए। मुलाकात के दौरान ही आरोपियों ने कार में उसके सिर और गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें उसके सिर पर गहरे घाव साफ दिखाई देते हैं।
कभी गोल्डी का खास, अब बन गया निशाना
सूत्र बताते हैं कि यही सिप्पा वह व्यक्ति था जिसने वर्ष 2020 में चंडीगढ़ में गोल्डी बराड़ के भाई गुरलाल बराड़ को गोली लगने के बाद अस्पताल पहुंचाकर बचाने की कोशिश की थी। हालांकि बाद में दोनों गैंगों के बीच मतभेद बढ़े और अब गोल्डी बराड़ ने ही उसकी हत्या करवाई है।
कुछ समय पहले तक लॉरेंस और गोल्डी एक ही गैंग से जुड़े थे, लेकिन अलगाव के बाद सिप्पा लॉरेंस का भरोसेमंद सहयोगी बन गया था और दुबई से उसका नेटवर्क संभाल रहा था। इसी कारण वह विरोधी गुट के निशाने पर था।
पंजाब मूल का सिप्पा जीरकपुर में गुरलाल बराड़ के साथ रहता था और अक्सर क्लबों में भी उसके साथ देखा जाता था।
गुरलाल की हत्या का पुराना मामला
10 अक्टूबर 2020 की रात गुरलाल बराड़ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक क्लब गया था। क्लब से बाहर निकलते ही दो नकाबपोश बाइक सवारों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद सिप्पा ने उसे अस्पताल पहुंचाया, पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गुरलाल की हत्या के बाद गैंगवार तेज हो गई थी। लॉरेंस गिरोह के विरोधी गुट ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद लॉरेंस ने सोशल मीडिया पर धमकी भरा संदेश जारी करते हुए लिखा था— “अब सड़कों पर खून बहेगा।”
रोहित गोदारा की धमकी भरी पोस्ट
सिप्पा की हत्या के बाद रोहित गोदारा नाम से जारी पोस्ट में लिखा गया—
“दुबई में लॉरेंस के आदमी जोरा सिद्धू (सिप्पा) की हत्या हमने करवाई है। इसने हमारे भाई को मरवाने के लिए जर्मनी से लोग भेजे थे। यह दुबई में बैठकर विदेशों में लॉरेंस के नाम पर धमकियां देता था। दुश्मनी में चाहे कोई कहीं भी छिप जाए, हम पहुंच जाएंगे। दुबई सेफ बताया जाता है, पर हमारे खिलाफ जाने वाला कहीं भी सुरक्षित नहीं।”
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