बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी: BKTC की कार्रवाई; आरोपी कर्मचारी नौटियाल निलंबित

HIGHLIGHTS
- बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बीकेटीसी ने वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई।
- समिति मंदिर की दान-चढ़ावा व्यवस्था की जांच कर 15 दिन में शासन को रिपोर्ट सौंपेगी।
देहरादून: बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आरोपों से घिरे वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। वहीं, मामले की जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद बीकेटीसी ने प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन आदेश के अनुसार प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी कार्यालय जोशीमठ से संबद्ध किया गया है। उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगाई गई है।
बीकेटीसी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, नौटियाल के खिलाफ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और मामले की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
उच्चस्तरीय समिति करेगी विस्तृत जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे। समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य बनाए गए हैं।
समिति चढ़ावे के प्रबंधन, रिकॉर्ड व्यवस्था और पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर समिति संबंधित अधिकारियों, विशेषज्ञों और अन्य लोगों से जानकारी ले सकेगी। इसके अलावा मंदिर में दान-चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सुधारात्मक सुझाव भी देगी।
प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना से जुड़ा था कर्मचारी
बताया जा रहा है कि प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ धाम में प्रोटोकॉल व्यवस्था और थाली भेंट गणना कार्य से जुड़े थे। मंदिर की व्यवस्थाओं में इन दोनों कार्यों को महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रोटोकॉल व्यवस्था में पांच और थाली भेंट गणना में छह कर्मचारी तैनात रहते हैं। नौटियाल को प्रोटोकॉल व्यवस्था का नोडल अधिकारी भी बनाया गया था।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले उनकी तैनाती बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में थी। इस वर्ष उन्हें बदरीनाथ धाम में जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच शुरू की और अब शासन स्तर से भी इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है।
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