दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 लागू, ईवी पर मिलेंगे बड़े फायदे

HIGHLIGHTS
- राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति-2026 लागू कर दी है।
- इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
- सरकार का दावा है कि नई नीति के तहत नागरिकों को सब्सिडी, कर छूट और विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक का लाभ मिलेगा।
- नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई सुविधाएं और आर्थिक लाभ शामिल किए गए हैं।
- साथ ही, एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि इस योजना के तह…
नई दिल्ली। राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति-2026 लागू कर दी है। इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सरकार का दावा है कि नई नीति के तहत नागरिकों को सब्सिडी, कर छूट और विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक का लाभ मिलेगा।
नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई सुविधाएं और आर्थिक लाभ शामिल किए गए हैं। साथ ही, एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि इस योजना के तहत खरीदे गए ईवी वाहनों को तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर बेचा नहीं जा सकेगा।
प्रदूषण कम करने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए सरकार अधिक से अधिक लोगों को पेट्रोल और डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करना चाहती है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाओं को और मजबूत बनाया गया है।
चार वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
सरकार ने अगले चार वर्षों में ईवी नीति को लागू करने और इसके विस्तार के लिए 7,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बनाई है।
इसमें:
- ईवी खरीद प्रोत्साहन पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक,
- पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग योजना पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक,
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट के जरिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की कर राहत देने का भी अनुमान है।
ईवी नीति 2026 की प्रमुख घोषणाएं
- 1 जनवरी 2027 से नए तिपहिया और हल्के मालवाहक वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में किया जाएगा।
- 1 अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों के लिए भी इलेक्ट्रिक विकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी।
- राजधानी में लगभग 30,000 चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे।
- घरों में ईवी चार्जिंग के लिए अलग बिजली मीटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
खरीद पर मिलने वाले लाभ
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर अधिकतम 30,000 रुपये तक का प्रोत्साहन।
- ई-ऑटो खरीदने पर 50,000 रुपये तक की सहायता।
- एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन पर 1 लाख रुपये तक का लाभ।
- पुराने दोपहिया वाहन की स्क्रैपिंग पर 10,000 रुपये।
- ऑटो स्क्रैप कराने पर 25,000 रुपये।
- पुरानी कार स्क्रैप कराने पर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि।
- एन-1 ट्रक स्क्रैपिंग पर 50,000 रुपये तक का लाभ।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में बड़ी राहत
नई नीति के तहत 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी और राजधानी में स्वच्छ व टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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