बजट पर रोहिणी आचार्या का तीखा हमला, बोलीं- पुराने सामान को नए डिब्बे में परोसा

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में 53.47 लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रस्तुतीकरण किया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। इस सिलसिले में राष्ट्रीय जनता दल की नेता और सारण से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहिणी आचार्या ने बजट की आलोचना की।
पुरानी चीज़ें नए लेबल में
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में रोहिणी ने कहा कि यह बजट पुराने मुद्दों और योजनाओं को नए पैकेज और लेबल में प्रस्तुत करने जैसा है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का कोई स्पष्ट रोडमैप बजट में नहीं दिखता।
रोजगार और युवाओं के मुद्दे पर चिंता
बजट में डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की घोषणाओं पर टिप्पणी करते हुए रोहिणी ने कहा कि सरकार केवल दिखावे की बातें कर रही है। देश की युवा आबादी, चाहे शिक्षित हो या असाक्षर, के लिए वास्तविक रोजगार सृजन की दिशा स्पष्ट नहीं है। उन्होंने यह भी पूछा कि किन क्षेत्रों में नौकरियां आएंगी और युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा।
बिहार की बाढ़ और सिंचाई अनदेखी
बिहार की स्थिति पर रोहिणी ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की लंबित मांगों, जैसे बाढ़ प्रबंधन, पुनर्वास और सिंचाई संसाधनों के विकास, को नजरअंदाज किया है। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के प्रति विश्वासघात बताया और कहा कि बजट में बाढ़ जैसी त्रासदियों के स्थायी समाधान का कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
केंद्रीय बजट का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा, और विपक्ष इस दौरान लगातार अपनी आवाज उठाएगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.