यूपी चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती को लगातार झटके लग रहे हैं। गुरुवार को मायावती को बड़ा झटका लगा। विधानसभा में बसपा विधानमंडल दल के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

आजमगढ़ के मुबारकपुर से विधायक शाह आलम को मायावती ने इसी साल जून में विधानमंडल दल का नेता बनाया था। शाह आलम ने बसपा के सभी पदों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने पार्टी की मुखिया मायावती को अपना इस्तीफा सौंपा है।

शाह आलम ने इस्तीफे में लिखा है कि भारी मन से विधानसभा सदस्य और बसपा के हर पद से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने पार्टी की 21 नवंबर की बैठक का हवाला देते हुए लिखा है कि 2012 से पार्टी के प्रति निष्ठावान रहा और पार्टी की तरफ से मिली हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया भी, लेकिन लगता है मेरी उपेक्षा की जा रही है। ऐसे में अब आगे साथ रहने की कोई वजह नहीं है।

शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली आजमगढ़ के मुबारकपुर से 2012 तथा 2017 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। बसपा ने जमाली को 2014 में आजमगढ़ लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी मैदान में उतारा था। जमाली को दो लाख 70 हजार से अधिक वोट मिले थे।

शाह आलम को मायावती का बेहद करीबी कहा जाता है। पिछले साल राज्यसभा चुनाव के बाद जब कई बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़ी और बगावती रुख अख्तियार किया तो शाह आलम पर ही मायावती ने भरोसा जताया था। इसी के बाद उन्हें विधानमंडल के नेता जैसे प्रमुख पद की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।

सबसे अमीर विधायक भी हैं शाह आलम

शाह आलम मायावाती से भी अमीर हैं। मायावती की संपत्ति को लेकर अक्सर विरोधी दल निशाना साधते हैं। मायावती ने आखिरी बार चुनाव आयोग को जो हलफनामा दिया था। उसमे उन्होंने अपमी सम्पत्ति 111 करोड़ रुपए बताई थी। जबकि शाह आलम की सम्पति इससे भी ज्यादा है। 

शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली मौजूदा विधानसभा के सबसे अमीर एमएलए हैं। उनकी कुल सम्पत्ति 118 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। गुड्डू जमाली सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी साल 2014 में चुनाव भी लड़ चुके हैं। थोड़े से वोटो के अंदर ही वो चुनाव हार गए थे। 

चुनाव से पहले 11 विधायक हुए कम

चुनाव से पहले बसपा विधायकों के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। असलम अली चौधरी, मो. मुजतबा सिद्दीकी, मो. असलम राइनी , सुषमा पटेल, डा. हरगोविंद भार्गव और हाकिम लाल बिंद ने बसपा को छोड़ कर सपा का दामन थाम लिया है। बंदना सिंह ने बसपा छोड़ भाजपा में जा चुकी हैं। अब गुड्डू जमाली ने पार्टी छोड़ दी है। इसके पहले लालजी वर्मा और रामअचल राजभर ने निष्कासन के बाद सपाई हो गए। मुख्तार अंसारी को मायावती ने टिकट देने से मना कर दिया है।

अब कौन होगा नेता विधानमंडल

बसपा अब किसे नेता विधानमंडल बनाती है यह देखने वाली बात होगी। बसपा के पास उसकी सूची के मुताबिक तो 15 विधायक हैं, लेकिन इसमें से नौ विधायक अब उसके पास नहीं हैं। इस हिसाब से उसके पास मात्र छह विधायक बचते हैं।