नई दिल्ली। वैश्विक तकनीकी मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल एक साधन नहीं, बल्कि देशों की संप्रभुता और सामरिक योजना का हिस्सा बन गया है। यह बात NVIDIA की वीपी और सोवरेन AI एक्सपर्ट कैलिस्टा रेडमंड ने सोमवार को 'एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट' में कही। उन्होंने बताया कि भारत समेत कई देशों का ध्यान अब सिर्फ किसी एक एप्लिकेशन या मॉडल पर नहीं, बल्कि पूरे AI इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है।

हार्डवेयर और मॉडल्स पर जोर
रेडमंड ने कहा कि सरकारें अब AI के लिए पूरे टेक स्टैक को तैयार करने में लगी हैं, जिसमें कंप्यूटिंग हार्डवेयर, फाउंडेशनल मॉडल्स और स्थानीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उनका कहना था, “देश अब ‘लॉन्ग गेम’ खेल रहे हैं। वे केवल पहली सफलता या किसी सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक क्षमता और आत्मनिर्भरता पर ध्यान दे रहे हैं।” इस दृष्टिकोण को सोवरेन AI कहा जाता है, जिसमें स्थानीय डेटा और टीमों द्वारा प्रशिक्षित बड़े भाषा मॉडल शामिल हैं।

ओपन सोर्स: डिजिटल संप्रभुता का आधार
समिट में मोजिला के अध्यक्ष मार्क सुरमन ने ओपन सोर्स तकनीक की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई का केंद्रीकरण किसी भी देश की डिजिटल संप्रभुता के लिए खतरा है। ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म देशों को अपनी शर्तों पर तकनीक बनाने की आजादी देता है और यह समान अवसर सुनिश्चित करता है। रेडमंड ने भी स्वीकार किया कि दशकों से ओपन सोर्स वैश्विक स्तर पर अवसरों को बराबर करता रहा है।

भारत का दृष्टिकोण: इंडिया एआई मिशन
भारत सरकार की रणनीति रेडमंड के विचारों से मेल खाती है। ‘इंडिया एआई मिशन’ का उद्देश्य व्यापक AI इकोसिस्टम तैयार करना, डेटा की गुणवत्ता बढ़ाना और देशी AI मॉडल विकसित करना है। इस साल के समिट में 12 भारतीय स्टार्टअप्स को चुना गया, जो स्थानीय भाषाओं और डेटा पर आधारित फाउंडेशन मॉडल बना रहे हैं। इससे भारत की बहुभाषी और क्षेत्रीय जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

नतीजों पर ध्यान
समिट का फोकस केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं था। नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि AI का इस्तेमाल दक्षता बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और अर्थव्यवस्था में गुणात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए किया जाना चाहिए। रेडमंड के शब्दों में, “देश अब AI की पूरी कहानी देख रहे हैं।” भारत जैसे देशों के लिए, जिनका लक्ष्य व्यापक और समावेशी समाधान है, सोवरेन AI भविष्य की दिशा तय करेगा।