कोडरमा। कोडरमा-हजारीबाग-बरकाकाना रेलखंड के 133 किलोमीटर लंबाई वाले खंड का दोहरीकरण कार्य अब तेजी पकड़ने वाला है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 2887.11 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। दोहरीकरण के पूरा होने के बाद कोडरमा मार्ग से गुजरने वाली यात्री और मालगाड़ियों की संख्या में भारी वृद्धि होगी।

पूर्व मध्य रेलवे, धनबाद ने पहले चरण के तहत 48 किलोमीटर के खंड के लिए 826 करोड़ 45 लाख 46 हजार 650 रुपये का टेंडर जारी किया है। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 7 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।

इस चरण में कोडरमा से अरिगंडा खंड के अंतर्गत कोडरमा से कठोतिया तक डबल लाइन बिछाने के साथ मिट्टी कार्य, छोटे-बड़े पुल निर्माण, सिग्नलिंग और स्टेशन के विकास का काम अगले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा।

कोडरमा-बरकाकाना रेलखंड तिलैया डैम और वन क्षेत्र के प्राकृतिक दृश्य के लिए भी प्रसिद्ध है। इस रूट पर वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस, गया-मुंबई साप्ताहिक, आसनसोल-गिरिडीह-रांची इंटरसिटी और कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। दोहरीकरण के बाद नई ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की योजना है।

हजारीबाग टाउन में निर्माणाधीन कोच रिपेयरिंग सेंटर शुरू होने के बाद इस मार्ग का महत्व और बढ़ जाएगा। इससे कोडरमा से देश के अन्य हिस्सों के लिए नई ट्रेनें चलाने की संभावना भी बढ़ेगी। पिछली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस परियोजना को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंजूरी दी गई थी।

दोहरीकरण परियोजना से झारखंड के कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों के कुल 16 स्टेशनों को फायदा होगा। इसके साथ ही लगभग 938 गांवों की करीब 15 लाख आबादी बेहतर रेल सुविधा का लाभ उठा पाएगी। यह रेलखंड कोयला ढुलाई के लिए भी बेहद अहम माना जाता है, जिससे राज्य की कोलियरियों से निकलने वाला कोयला बड़ी पावर हाउसों तक तेज गति से पहुंच सकेगा।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि दोहरीकरण के बाद धनबाद रेल मंडल की लोडिंग क्षमता 30 मिलियन टन प्रति वर्ष तक बढ़ सकती है। पिछले वित्तीय वर्ष में धनबाद मंडल ने 194 मिलियन टन लोडिंग कर 25,410 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। परियोजना के पूरा होने पर इसमें लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि संभव है।

साथ ही फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के तहत सोननगर से अंडाल तक निर्माणाधीन कॉरिडोर भी कोडरमा के विकास को नई दिशा देगा। इसे पूरा होने पर कोडरमा लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर सकता है, जिससे स्थानीय व्यापार और उद्योग को मजबूती मिलेगी।

इस नई डबल लाइन परियोजना से रांची-पटना के बीच की दूरी 32 किलोमीटर कम हो जाएगी। बरकाकाना-कोडरमा मार्ग से दूरी 379 किलोमीटर होगी, जबकि गोमो-बोकारो मार्ग से यह 411 किलोमीटर है।

अरिगंडा, कुजू, मांडू हाल्ट, चरही, बेस, हजारीबाग टाउन, कंसार नवादा, कटकमसांडी, कठोतिया, कुरहागाड़ा, पदमा, बरही, उरवान और पिपराडीह जैसे स्टेशनों को भी दोहरीकरण से सीधा लाभ मिलेगा। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।