दिल्ली। द्वारका में हुए सड़क हादसे के आरोपी नाबालिग के पिता नरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे के व्यवहार पर शर्म महसूस हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह गलती उनके बेटे से अनजाने में हुई। “मेरा बेटा खुद पिता है और अपने बच्चे की सुरक्षा का दर्द समझता है। हम पीड़ित परिवार से दिल से माफी मांगते हैं,” उन्होंने कहा।

नरेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के समय वह दिल्ली में नहीं थे। घटना की जानकारी उन्हें उनकी पत्नी और पुलिस ने दी। 3 फरवरी को करीब 12 बजे उनकी पत्नी को हादसे की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत दिल्ली के लिए फ्लाइट पकड़ी।

उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी मौके पर पहुंची, जहां पुलिस ने उनके बेटे को थाने ले लिया।

पिता का बयान: ड्राइवर पर पहले से था चालान

नरेंद्र सिंह ने साफ किया कि गाड़ी लेकर निकलने का फैसला उनके बेटे ने अपने पिता की गैरमौजूदगी में किया था। गाड़ी पर जो पहले से चालान थे, वे उनके बेटे के द्वारा नहीं बल्कि गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर के समय हुए थे।

उन्होंने बेटे के बारे में कहा कि वह तेज-तर्रार है, और हादसे के बाद पुलिस हिरासत में छह दिन रहने के दौरान वह डिप्रेशन में चला गया। अब वह अपने पिता से डरता है और मां से भी कम ही बात करता है।

बेटे की उम्र पर भ्रम

हादसे के समय पुलिस ने नाबालिग की उम्र 19 साल बताई थी। पिता ने बताया कि यह केवल गलतफहमी थी। जब दस्तावेज जमा किए गए, तो पता चला कि वह केवल 17 साल का है।

हादसे के बाद बहन की प्रतिक्रिया

हादसे के समय आरोपी नाबालिग स्कॉर्पियो में अपनी बहन के साथ था। दुर्घटना के तुरंत बाद दोनों घटना स्थल से भागने लगे। लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर वापस लाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हादसे के बाद दोनों ने अफसोस जताने के बजाय उन लोगों से भिड़ाई की, जिन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और आरोपी को थाने ले गई।