कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल प्रचार में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी राज्य के हर कोने तक अपनी पहुंच बनाने के लिए रणनीति पर काम कर रही है।

भाजपा की योजना है कि वह 1 मार्च से ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करे, जिसका उद्देश्य राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए माहौल तैयार करना और ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जनसमर्थन जुटाना है।

भाजपा की रणनीति और यात्रा की रूपरेखा

भाजपा एक मार्च और दो मार्च को कुल नौ अलग-अलग यात्रा समूहों के साथ अभियान का आगाज करेगी। इन यात्राओं का शुभारंभ बड़े पैमाने पर आयोजित जनसभाओं से होगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

यात्रा के दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लगभग 5000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इसके अलावा, पार्टी ने होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए तीन और चार मार्च को यात्रा स्थगित रखी है, ताकि कार्यकर्ता और जनता त्योहार आराम से मना सकें।

केंद्रीय नेताओं की भागीदारी

दिल्ली से भाजपा के कई वरिष्ठ नेता इस अभियान में शामिल होंगे। उद्घाटन कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और स्मृति ईरानी सहित कुल नौ राष्ट्रीय नेता हिस्सा लेंगे।

भाजपा ने इस यात्रा के लिए विस्तृत योजना बनाई है। 10 मार्च तक राज्य भर में 300 से अधिक रैलियों और बैठकों का आयोजन किया जाएगा। जिस विधानसभा क्षेत्र से यात्रा गुजरेगी, अगले दिन वहां एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, ताकि हर विधानसभा सीट पर पार्टी की सक्रिय मौजूदगी दर्ज हो सके।

कोलकाता में समापन और पीएम मोदी की जनसभा

भाजपा की यह ‘परिवर्तन यात्रा’ कोलकाता के ब्रिगैड परेड ग्राउंड पर समाप्त होगी। इस समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। हालांकि, अभी पीएम की रैली की सटीक तारीख का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यह बंगाल चुनाव में भाजपा का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन साबित हो सकती है।