नई दिल्ली। शुक्रवार को कीमती धातुओं के बाजार में तेजी देखने को मिली। चांदी की कीमत में 3,580 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 2.41 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं, सोने का भाव 2,090 रुपये की बढ़त के साथ 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा।
एमसीएक्स में शुरुआती उतार-चढ़ाव
हालांकि एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। सोना 6,074 रुपये सस्ता होकर 1,52,681 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करने लगा, जबकि चांदी की कीमत 26,518 रुपये घटकर 2,36,500 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
घरेलू बाजार की स्थिति
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, गुरुवार को 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव 400 रुपये की गिरावट के साथ 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। चांदी के भाव स्थिर रहे और यह 2,68,500 रुपये प्रति किलो पर कायम रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में खरीदारी के संकेत
विदेशी बाजार में सोना और चांदी दोनों में खरीदारी की प्रवृत्ति देखी गई। कॉमेक्स पर चांदी ने इंट्राडे में 77.045 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक तेजी दर्ज की, जो ओपनिंग बेल के शुरुआती मिनटों में 1.25% से अधिक की बढ़त को दर्शाता है।
एशियाई बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान सोना और चांदी दोनों हरे निशान में दिखे। कॉमेक्स गोल्ड करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करते हुए 1.10% की बढ़त हासिल करने में सफल रहा।
कीमती धातुओं का वर्ष 2026 में उतार-चढ़ाव
विश्लेषकों के अनुसार, 2026 में सोना और चांदी दोनों ने उतार-चढ़ाव का दौर शुरू कर दिया है। पिछले साल की रिकॉर्ड तेजी के बाद दोनों धातुएं अपने उच्च स्तर से लगभग 16% से 43% तक नीचे आ गई हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर निवेशकों की बदलती धारणा ने हालिया करेक्शन में योगदान दिया।
विशेषज्ञों की राय
हालांकि हाल की गिरावट ने पहले की तेजी का बड़ा हिस्सा कम कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर मान रहे हैं। एमके वेल्थ के मुताबिक, सोना और चांदी 3 से 5 साल के बुल रन में हैं, जिसे मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों, बढ़ती मांग और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं का समर्थन मिलता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने पोर्टफोलियो में सोना-चांदी को बनाए रखें और गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करें।