तेहरान/दुबई: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के दुबई में सुरक्षित स्थान तलाशने की खबरें सामने आई हैं। यह दावा इजराइली मीडिया चैनल-14 ने किया है। चैनल का कहना है कि ईरान में जारी राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता के बीच खामेनेई के बेटे ने 1.5 बिलियन डॉलर (लगभग 1353 करोड़ रुपये) दुबई ट्रांसफर किए हैं। हालांकि, इस धनराशि के ट्रांसफर के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है, और ईरान सरकार ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है।

अयातुल्लाह खामेनेई का परिवार काफी बड़ा है। इसमें उनकी पत्नी मंसूरेह खोजास्ते और 4 बेटे व 2 बेटियां शामिल हैं। उनके सबसे प्रभावशाली बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान में उनके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है।

दुबई क्यों माना जा रहा सुरक्षित स्थान?

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और इजराइल ने रूस की मध्यस्थता में एक समझौता किया है, जिसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहला हमला नहीं करने की शर्त रखी है। ऐसी स्थिति में ईरान के लिए यूएई, खासकर दुबई, एक सुरक्षित विकल्प बन गया है।

व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यूएई और ईरान के संबंध मजबूत हैं। दोनों देशों ने हाल ही में यमन मुद्दे पर वार्ता भी की थी। जून 2025 में यूएई ने इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई थी।

रूस भी विकल्प में

दुबई से पहले खामेनेई परिवार के रूस जाने की भी अटकलें लगाई गई थीं। ब्रिटेन के अख़बार ‘द टाइम्स’ की रिपोर्ट में कहा गया था कि संकट की स्थिति में खामेनेई परिवार रूस का रुख कर सकता है, क्योंकि रूस ईरान का करीबी मित्र है। वर्तमान में 86 वर्षीय खामेनेई परिवार सहित तेहरान में रह रहे हैं।