ग्रीस के पूर्वी एजियन सागर में चियोस द्वीप के पास एक तेज रफ्तार नाव और ग्रीक कोस्ट गार्ड के जहाज के बीच हुई भीषण टक्कर में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। ग्रीक कोस्ट गार्ड के अनुसार, इस हादसे में 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। इस घटना में कोस्ट गार्ड के दो अधिकारी भी घायल हुए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हादसे के समय स्पीडबोट पर कुल कितने लोग सवार थे।

दुर्घटना के बाद समुद्र में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इसमें चार गश्ती पोत, एक हेलीकॉप्टर और गोताखोरों से लैस एक निजी नाव लगाई गई है। स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में देखा गया कि एक व्यक्ति को कंबल में लपेटकर कोस्ट गार्ड की नाव से उतारकर एंबुलेंस में रखा जा रहा है, जबकि दो बच्चों को भी इलाज के लिए ले जाया गया। अभी तक मृतकों की पहचान और टक्कर की वास्तविक वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

यूरोप में प्रवेश का अहम मार्ग है ग्रीस
ग्रीस लंबे समय से यूरोपीय संघ में प्रवेश करने वाले शरणार्थियों और प्रवासियों का एक प्रमुख रास्ता रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो युद्ध, हिंसा और गरीबी से बचकर यूरोप पहुंचना चाहते हैं। हालांकि, इस समुद्री मार्ग पर तेज लहरें, भीड़भाड़ और अवैध नावों की वजह से हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।

बीते कुछ वर्षों में ग्रीस और कई अन्य यूरोपीय देशों ने प्रवासन से जुड़े नियमों को और सख्त किया है। इनमें तेजी से निर्वासन, हिरासत की अवधि बढ़ाना और शरण प्रक्रिया को कड़ा बनाना शामिल है। यूरोप के कई हिस्सों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज है और दक्षिणपंथी दलों के बढ़ते प्रभाव के चलते नीतियों में सख्ती आई है, जिससे शरण मांगने वालों की संख्या भी पहले की तुलना में घट गई है।