चीन की सेना के 68 विमान और 13 युद्धपोत शुक्रवार को ताइवान के करीब से होकर गुजरे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने ये जानकारी दी। ताइपे की सेना ने कहा कि चीनी सेना (PLA) के 68 लड़ाकू जेट और 13 युद्धपोतों ने शुक्रवार के सैन्य अभ्यास के दौरान ताइवान जलडमरूमध्य को बांटने वाली "मध्य रेखा" को पार किया। रक्षा मंत्रालय ने अपने ताजा बयान में कहा, "(हम) कम्युनिस्ट सेना की जानबूझकर जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार करने और ताइवान के आसपास समुद्र और हवा में सैन्य अभ्यास करने की निंदा करते हैं।"
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइपे दौरे से चीन भड़का हुआ है। उसने अपनी ताकत दिखाने के लिए ताइवान जलडमरूमध्य में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास में विमानवाहक पोत और परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी तैनात की है। पेलोसी की ताइवान यात्रा पर चीन ने सख्त आपत्ति जताई थी। चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है।
चीन ने कहा है कि पिछले दो दिनों में ताइवान के आसपास 100 से अधिक लड़ाकू विमानों और 10 युद्धपोतों ने बड़े पैमाने पर हुए सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया है। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, ताइवान के तट के पास छह क्षेत्रों में चलाए जा रहे ‘संयुक्त अवरोध अभियान’ में लड़ाकू विमानों से लेकर बमवर्षक विमानों, विध्वंसक जहाजों और युद्धपोतों तक का इस्तेमाल किया गया।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की नौसेना रिसर्च एकेडमी के एक सीनियर रिसर्च फैलो झांग जुंशे ने सरकार के नियंत्रण वाले अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ को बताया कि बृहस्पतिवार से रविवार तक ताइवान के आसपास अभ्यास में उसका पहला विमान वाहक पोत हिस्सा लेगा, जो एक समुद्री बहुआयामी युद्ध प्रणाली स्थापित करेगा।