अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा बेड़ा उस क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है, लेकिन उनका मकसद युद्ध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य बल का इस्तेमाल आखिरी विकल्प के तौर पर ही किया जाएगा। इसके बावजूद, उनके बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका फिर तेज हो गई है।

“हम हालात पर कड़ी नजर रख रहे हैं”
राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे कई जहाज उस दिशा में बढ़ रहे हैं। हमारी एक मजबूत नौसैनिक ताकत वहां मौजूद होगी। मैं नहीं चाहता कि हालात बिगड़ें, लेकिन हम हर गतिविधि पर करीब से नजर रख रहे हैं। हो सकता है कि हमें बल का इस्तेमाल न करना पड़े।”

पहले भी दे चुके हैं चेतावनी
गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर तेहरान सरकार पर दबाव बना चुके हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कई बार ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी है और सख्त कदम उठाने की बात कही है। ट्रंप का दावा है कि उनकी चेतावनियों के बाद ईरान में सैकड़ों मौत की सजाओं को रोका गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने को भी तैयार है।

ईरान में मौतों के आंकड़े जारी
ईरानी अधिकारियों ने हाल ही में पहली बार यह स्वीकार किया कि देश में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 3,117 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।