ओटावा। भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चल रही कड़वाहट अब कम होती नजर आ रही है। हाल ही में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सफल भारत यात्रा के बाद, कनाडा की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक डुहेम ने भारत के लिए एक बड़ा बयान दिया है, जिसे कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
भारत-कनाडा रिश्तों में पिघली बर्फ
कमिश्नर माइक डुहेम ने स्पष्ट किया कि कनाडा में रहने वाले लोगों के लिए भारत सरकार से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे पास किसी भी विदेशी संस्था की भूमिका का प्रमाण नहीं है। फाइलों में जिन लोगों के नाम आते हैं, उनका किसी देश या विदेशी एजेंसी से कोई सबूत नहीं मिला।”
कनाडाई अधिकारियों के सुर बदले
पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंधों को भारतीय एजेंसियों से जोड़ा था। लेकिन अब कमिश्नर माइक डुहेम ने कहा कि वर्तमान जांच में किसी विदेशी संस्था या भारत सरकार से कोई कड़ी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 में दिए गए बयान उस समय की सीमित जांच पर आधारित थे, जबकि अब स्थिति और साक्ष्य पूरी तरह अलग हैं।
बिश्नोई गैंग और उगाही पर खुलासा
कनाडा के सरे, ब्रैम्पटन और कैलगरी जैसे शहरों में उगाही और धमकियों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम जोड़ा जाता रहा। लेकिन कमिश्नर ने कहा कि हर मामले को सीधे बिश्नोई गैंग से जोड़ना गलत है। कई अपराधी केवल डर फैलाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि कनाडा की जांच एजेंसियों को भारत सरकार से इन गतिविधियों का कोई सबूत नहीं मिला।
भारतीय राजनयिकों की वापसी सुरक्षित
कमिश्नर माइक डुहेम ने आश्वस्त किया कि पुलिस सभी तरह की धमकियों पर नजर रख रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना डर पुलिस को जानकारी दें। RCMP के इस बयान से यह साफ है कि भारत-कनाडा संबंधों में नया सवेरा आ चुका है।