कनाडा के ओंटारियो प्रांत के वुडस्टॉक शहर में एक सिख बुजुर्ग पर हुए नस्लीय हमले की घटना ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस मामले में एक युवक पर बिना किसी कारण के बुजुर्ग को धक्का देने और नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप है। पुलिस ने इसे नफरत आधारित अपराध मानते हुए जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल की है, जब सिख बुजुर्ग फुटपाथ पर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने उन्हें रोककर अचानक धक्का दे दिया और कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा कि वे “अपने देश वापस चले जाएं।” हालांकि इस हमले में बुजुर्ग को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद आरोपी ने पास स्थित टर्टल आइलैंड स्कूल के परिसर में प्रवेश किया और कुछ देर बाद वहां से बाहर निकल गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी छात्र या स्टाफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

पुलिस के मुताबिक, घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं, जिनमें आरोपी को नस्लीय अपशब्द कहते और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा और सुना जा सकता है।

मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया है। अधिकारियों ने कहा है कि समुदाय में नफरत फैलाने वाली घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना पर वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन (WSO) ने गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। साथ ही कहा गया है कि ऐसे मामले सिख समुदाय के खिलाफ बढ़ते नफरत अपराधों की एक गंभीर प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।