अमेरिका के बाद अब इस्राइल ने भी कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों से अपने संबंध समाप्त करने का फैसला किया है। इस्राइल का कहना है कि ये संस्थाएं उसके प्रति लगातार पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक रुख अपनाती रही हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संधियों से अलग कर दिया था, जिनमें से आधे यूएन से जुड़े थे। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि ये संगठन अमेरिका के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

इस्राइली विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका के यूएन से हटने के बाद इस्राइल ने भी अपने संबंधों की समीक्षा की। इसके बाद विदेश मंत्री गिदोन सार ने तुरंत प्रभाव से कई यूएन एजेंसियों से संबंध तोड़ने का निर्देश दिया। मंत्रालय को अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ संबंधों की समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई तय करने का भी निर्देश दिया गया है।

किस एजेंसियों से तोड़ा नाता
इस्राइल ने जिन एजेंसियों से संबंध समाप्त किए हैं, उनमें शामिल हैं: चिल्ड्रन एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट ऑफिस, यूएन वुमन, यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलेपमेंट (UNCTAD), यूएन इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर वेस्टर्न एशिया (ESCWA), यूएन अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन, यूएन एनर्जी और माइग्रेशन एंड डेवलेपमेंट ग्लोबल फोरम।

इस्राइल ने स्पष्ट किया कि चिल्ड्रन एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट ऑफिस ने इस्राइली सेना, हमास और फिलिस्तीनी अधिकारियों को काली सूची में डाल दिया था। इस कारण इस्राइल ने जून 2024 में इस एजेंसी से अपने संबंध समाप्त किए थे और अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। साथ ही, यूएन वुमन द्वारा हमास द्वारा इस्राइली महिलाओं के यौन शोषण को नजरअंदाज करने के आरोप के कारण इस्राइल ने इस संगठन से भी अपने संबंध समाप्त कर दिए हैं।