यूरोपीय संघ ने ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए की गई हिंसक कार्रवाई के बाद बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। यूरोपीय संघ ने ईरान की अर्धसैनिक संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आधिकारिक रूप से आतंकवादी संगठनों की सूची में डाल दिया है। यह जानकारी गुरुवार को यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने साझा की।
कल्लास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि इस फैसले पर यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने एकमत से सहमति दी। उन्होंने लिखा कि कोई भी शासन जो अपने ही नागरिकों के खिलाफ व्यापक हिंसा करता है, वह खुद अपने भविष्य को खतरे में डालता है।
इससे पहले भी यूरोपीय संघ ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। हाल ही में ईयू ने 15 ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडर भी शामिल थे। इन अधिकारियों पर देशभर में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान आम नागरिकों पर अत्यधिक बल प्रयोग कराने के आरोप हैं।
मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों को दबाने की कार्रवाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। रिपोर्टों में यह संख्या 6,000 से अधिक बताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और दबाव लगातार बढ़ रहा है।
यूरोपीय संघ का यह फैसला ईरान के खिलाफ बढ़ते वैश्विक विरोध और कूटनीतिक सख्ती का एक अहम संकेत माना जा रहा है।